महंत श्रवण गिरि की साधना का हिस्सा बनी लाली
महाकुंभ के अखाड़ा सेक्टर में महंत तारा गिरि अकेले पशु प्रेमी नहीं हैं। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर से आए महंत श्रवण गिरि के लिए डॉगी लाली उनकी साधना का हिस्सा है। उनके एक हाथ में भगवान गणेश के नाम की माला रहती है तो दूसरे हाथ में लाली का पट्टा।
महंत श्रवण गिरि बताते हैं कि 2019 के कुंभ में प्रयागराज से काशी जाते समय रास्ते में उन्हें लाली मिली थी। दो महीने की लाली तब से उनके साथ है। जब वह साधनारत होते हैं तो लाली शिविर के बाहर उनकी रखवाली करती है। इतना ही नहीं लाली का हेल्थ कार्ड भी उन्होंने बनवाया है जिसमें उसे निशुल्क उपचार मिलता है।