Solver Group arrested in prayagraj
शर्ट में लगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से रहती थी कनेक्टेड
प्रयागराज। नकल गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों ने पूछताछ में जो बातें बताई, उसे सुनकर एसटीएफ जवान भी हैरान रह गए। बताया कि अभ्यर्थियों को नकल कराने के लिए वह बेहद ही हाईटेक तरीका अपनाते थे। जिसमें इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसयुक्त शर्ट के साथ मैग्नेटिक ईयरफोन का भी इस्तेमाल किया जाता था।
एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों ने बताया कि वह परीक्षा से ठीक पहले इलेक्ट्रानिक डिवाइसयुक्त शर्ट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराते हैं। इनमें इलेक्ट्रानिक डिवाइस लगी होती है जिसके भीतर सिम कार्ड होता है। इसे शर्ट में इस तरह से फिट कराया जाता है कि सिम स्लॉट व उससे जुड़ा तार बाहर से दिखाई न पडे़। उधर डिवाइस को कपड़े के अन्दर सिले कनेक्टिंग वायर के जरिए बटननुमा बेहद ही छोटे मैग्नेटिक ईयरफोन से जोड़ा जाता है। कान में लगाया जाने वाला यह इयरफोन बटन से भी छोटे आकार का होता है और कान के अन्दर जाने पर बाहर से बिल्कुल दिखाई नहीं पड़ता। परीक्षा देने के बाद गिरोह के सदस्य चुम्बक के माध्यम से इस इयरफोन को अभ्यर्थी के कान से बाहर निकाल लेते हैं।
छह हजार में बनवाते थे अंगूठे का निशान
गिरफ्तार सदस्यों ने पूछताछ में यह भी बताया कि वह सॉल्वर बैठाकर भी परीक्षा पास कराने का ठेका लेते हैं। बताया कि इसके लिए पहले से तय सॉल्वर व अभ्यर्थी की फोटो लेकर उसे मिक्सिंग के जरिए नया फोटो तैयार कराया जाता है। फिर इसे एडमिट कार्ड में लगा दिया जाता है। इसके अलावा परीक्षा हाल में सॉल्वर का थम्ब इम्प्रेशन होने के कारण अभ्यर्थी फाइनल वेरीफिकेशन में असफल न हो, इसके लिए कुछ परीक्षा केन्द्रों के एक-दो कर्मचारियों को भी पैसे का लालच देकर इस काम में शामिल कर लिया जाता है। जिसमे बाद साल्वर का थम्ब इम्प्रेशन बनवाकर मूल अभ्यर्थी का फाइनल वेरीफिकेशन आसानी से करवा लिया जाता है। इस तरह का थम्ब इम्प्रेशन जिले का ही एक व्यक्ति छह हजार रुपये में उपलब्ध कराता है।