Soldier commits suicide by hanging himself in Phulpur police station
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फूलपुर (प्रयागराज)। फूलपुर थाना स्थित बैरक में शनिवार की दोपहर सिपाही अनिल कुमार त्रिपाठी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शाम को एक सिपाही ने देखा हड़कंप मच गया। दोपहर में मोबाइल फोन पर अनिल का उसके भाई एसके त्रिपाठी से पैत्रिक घर बनवाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी के बाद अनिल ने फांसी लगा ली। घर वालों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रविवार को पुलिस लाइन में अंतिम सलामी के बाद शव को घर भेजा जाएगा।
फतेहपुर के खखरेरू का रहने वाला अनिल कुमार त्रिपाठी 2006 बैच का सिपाही था। जुलाई 2018 से अनिल की पोस्टिंग फूलपुर थाने में थी। पिछले कुछ समय से वह थाने में मुंशी का काम देख रहा था। परिवार शहर के राजापुर इलाके में रहता है। उसकी ड्यूटी शुक्रवार रात नौ बजे से शनिवार की सुबह नौ बजे तक थी। उसके बाद वह बैरक में सोने के लिए चला गया। शाम को करीब सात बजे एक सिपाही बैरक पहुंचा तो उसके होश उड़ गए। अनिल केबल वायर से फांसी पर लटक रहा था। उसने तुरंत इंस्पेक्टर समेत अन्य लोगों को सूचना दी। फील्ड यूनिट को बुलाया गया। शव को नीचे उतारा गया।
एसपी गंगापार एनके सिंह मौके पर पहुंचे। शव के पास कोई सुसाइड नोट नहीं था। मोबाइल चेक किया गया तो अनिल के भाई एसके त्रिपाठी के 32 मिस काल थे। एसके त्रिपाठी आर्मी में है। एसपी एनके सिंह ने एसके त्रिपाठी को फोन मिलाया तो उसने बताया कि दोपहर में पैत्रिक घर बनवाने को लेकर अनिल से बात हुई थी। इसी दौरान अनिल तैश में आ गया था और उसने फोन काट दिया। उसके बाद से वह लगातार फोन कर रहा था लेकिन फोन उठा नहीं। बगल में ही दोपहर वाला खाना भी रखा था। इसी से पता चला कि अनिल ने दोपहर में ही फांसी लगा ली थी।
इंस्पेक्टर फूलपुर ने राजापुर में रहने वाली उनकी पत्नी बबली को फोन किया। अनिल का एक भाई सुशील प्रयागराज में ही डायल 100 में तैनात है। वह भी तुरंत फूलपुर पहुंच गया। घर में कोहराम मचा रहा। फतेहपुर से भी तमाम लोग पहुंच गए। एसपी गंगापार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइन में अंतिम सलामी दी जाएगी। इसके बाद शव को घर भेजा जाएगा। अब तक की जांच में यही पता चला है कि पैत्रिक घर बनवाने की बात पर दोनों भाइयों में कुछ कहासुनी हुई थी। इसके बाद अनिल ने फोन काट दिया और गुस्से में आकर उसने खुदकुशी कर ली।
पत्नी की हालत गंभीर, बेटे के रुक नहीं रहे आंसू
फूलपुर। अनिल की पत्नी बबली और दस साल का बेटा राज राजापुर में रहते हैं। अनिल दोनों से लगातार मोबाइल पर संपर्क में रहते थे। शाम को जब बबली ने जब यह सुना कि अनिल ने आत्महत्या कर ली है तो वह बेहोश हो गई। उसे किसी तरह संभाला गया। बेटे राज के आंसू नहीं रुक रहे थे। वह पिता को याद कर मां से लिपट जा रहा था। बबली यही कहकर रो रही थी कि वह हर बात बताते थे, पता नहीं क्यों आज फोन नहीं किया।