Prayagraj News : नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार आरोपी रूपेश कुमार।
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नकली नोटों की तस्करी करने वाला रामू साहू अब तक शहर में लाखों रुपये खपा चुका है। पुलिस ने बुधवार को उसकी तलाश में दबिश दी लेकिन वह पकड़ा नहीं गया। मंगलवार को एसटीएफ ने कीडगंज परेड के पास से रामू के गुर्गे रूपेश को एक लाख के जाली नोटों के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में पता चला है कि रामू साहू लंबे समय से मालदा में रहरने वाले अंतर्राष्ट्रीय तस्कर दीपक मंडल से नकली रुपयों की खेप मंगाकर शहर में धीरे खपा देता था। रूपेश तो उसका एक अदना सा गुर्गा है। वह बदल-बदलकर लड़कों को मालदा भेजकर रुपये मंगाता था। गिरोह में और भी कई लोग शामिल हैं।
एसटीएफ ने मंगलवार को परेड के पास से रूपेश कुमार को एक लाख रुपये के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में फूलपुर के मलकापुर गांव के रहने वाले रूपेश ने बताया कि वह यह पैसा पश्चिम बंगाल के मालदा के दीपक मंडल से लेकर आया था। उसने बताया कि पिछले दो महीनों से उसके पास कोई काम नहीं था। इसी बीच एक व्यक्ति के माध्यम से वह रामू साहू से मिला। रामू ने उससे कहा था कि उसे मालदा जाना है। वहां से रुपये लाने हैं। अगर वह उसके लिए काम करता रहा तो वह थोड़े ही समय में उसे मालामाल कर देगा। पैसे-पैसे के लिए मोहताज रूपेश तुरंत तैयार हो गया। मंगलवार को एसटीएफ और कीडगंज पुलिस ने रूपेश से लंबी पूछताछ की।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि रामू साहू लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय तस्कर दीपक मंडल के गिरोह से जुड़ा है। वह गिरोह के लोगों के साथ प्रयागराज समेत कई जगह पकड़ा भी जा चुका है। वह अलग-अलग लड़कों को मालदा भेजकर जाली नोट मंगवाता और शहर में खपा देता है। रामू साहू की तलाश में बुधवार को दबिश दी गई लेकिन वह नहीं मिला। संभवत: रुपेश के पकड़े जाने के बाद वह एलर्ट हो गया। उसका नंबर मिल गया है। जल्द ही कॉल डीटेल्स निकाली जाएगी। पुलिस को गिरोह के कुछ और लोगों का पता चला है। उनके बारे में भी जानकारी इकट्ठी की जा रही है। इंस्पेक्टर कीडगंज रोशनलाल ने बताया कि बुधवार को रूपेश को जेल भेज दिया गया।