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प्रयागराज एसटीएफ को बड़ी सफलता, एक लाख के नकली नोट खपाने आए तस्कर को दबोचा

सार

दिल्ली में हुआ था गिरफ्तार
  • दीपक मंडल जाली मुद्राओं का अंतरराष्ट्रीय तस्कर है, जो पहले भी जेल जा चुका है।
  • 2017 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे 5.50 लाख के नकली नोटों संग गिरफ्तार किया था।
  • गिरफ्तारी के बाद से ही सतर्क हुए सरगना ने बदल दिया था तरीका, पश्चिम बंगाल में ही बुलाकर गुर्गों को देता था नकली नोट
  • शहर में पहले भी भेजवा चुका है नकली नोटों की खेप, एसटीएफ ने ही किया था भंडाफोड़
  • 2019 में सिविल लाइंस में 2.42 लाख रुपये मूल्य के जाली नोट संग पांच किए गए थे गिरफ्तार, दो हजार के 121 नोट हुए थे बरामद
  • दीपक के साथ ही उसका भाई श्याम मंडल व रिश्तेदार कंचन भी जाली नोटों की तस्करी के गोरखधंधे में हैं शामिल
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Prayagraj News : नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार आरोपी रूपेश कुमार। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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शहर में एक लाख के नकली नोट खपाने की बड़ी साजिश एसटीएफ ने नाकाम कर दी। कीडगंज इलाके से एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 500 रुपये के 200 जाली नोट बरामद किए बण्। अफसरों का कहना है कि तस्कर गिरोह का एक सदस्य फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। उधर कीडगंज पुलिस ने देर शाम आरोपी को जेल भेज दिया।
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एसटीएफ को सूचना मिली थी कि जाली नोटों की एक बड़ी खेप शहर में आने वाली है। इसी के बाद टीम तस्करों की तलाश में जुटी थी। सटीक सूचना पर मंगलवार सुबह टीम ने कीडगंज स्थित परेड मैदान में रेलवे क्रॉसिंग के पास दबिश दी तो वहां एक व्यक्ति मिला। तलाशी में उसके कब्जे से एक लाख रुपये मूल्य के जाली नोट मिले। जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर थाने लाया गया। यहां पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रूपेश कुमार निवासी मलकापुर फूलपुर बताया।

एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, सख्ती से पूछताछ में बताया कि वह नकली नोटों की खेप पश्चिम बंगाल से ट्रेन से लेकर आया है। यह उसे अपने साथी नवाबगंज के अटरामपुर निवासी रामू साहू को देनी थी और फिर दोनों मिलकर इन जाली नोटों के शहर के बाजारों में खपाने की तैयारी में थे। एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि फरार रामू साहू की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। दीपक मंडल व उसके गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए भी जल्द ही टीम पश्चिम बंगाल भेजी जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय तस्कर सरगना ने 50 हजार में दिए थे नोट

एसटीएफ अफसरों ने बताया कि पूछताछ में आरोपी रूपेश ने कई और राज उगले। बताया कि रामू के कहने पर ही वह पश्चिम बंगाल के फरक्का गया था। जहां उसे जाली नोटों के अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह सरगना दीपक मंडल निवासी जैयनपुर, थाना वैष्नव नगर, जनपद मालदा पश्चिम बंगाल मिला। उसी ने 50 हजार रुपये में एक लाख मूल्य के नकली नोट उसे उपलब्ध कराए थे।
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