प्रयागराज की स्मिता श्रीवास्तव ने 32 वर्ष से नहीं कटवाए बाल।
- फोटो : अमर उजाला।
20 सालों से संजोकर रखी हैं अपने झड़े हुए बाल
स्मिता बताती हैं कि 2012 में उन्हेंं लंबे बालों के लिए लिम्का बुक्स ऑफ वार्ड से सम्मानित किया गया था। उसके बाद उनके दूसरे बच्चे के जन्म के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई और उस उन्हें अपने एक फुट बाल को कटवाना पड़ा था। उसके बाद से उनके बाल झड़ने लगे। उन्हें अपने बालों से बेहद प्रेम होने की वजह से वह काफी परेशान रहने लगीं। उसके बाद उन्होंने अपने झड़े हुए बालों को संजोकर रखने का सोंचा। 20 सालों से अब तक वह अपने सारे झड़े हुए बालों को एक थैले में सुरक्षित रखीं हैं। वह उन बालों को म्यूजियम या कैंसर पीड़ितों को दान में देने के लिए सोंचा है।
प्रयागराज की स्मिता श्रीवास्तव ने 32 वर्ष से नहीं कटवाए बाल।
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हफ्ते में एक बार धोती हैं बाल, दो से ढाई घंटे लगते हैं बाल को संवारने में
स्मिता बताती हैं कि आमतौर पर वह हफ्ते में एक बार रविवार को अपने बाल को धोती हैं। बालों को धोने में वह एक लोहे की कढ़ाई में दो अंडे , एलोवेरा, आंवला जैसे अन्य प्राकृतिक चीजों का पेस्ट बनाकर लगाती हैं और उसे आधे घंटे तक धोती हैं। उसके बाद वह दो से ढाई घंटे तक अपने बालों को सुखाने व संवारने में लगाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बाल लंबे होने की वजह से वह बेड पर खड़ी होकर नीचे चद्दर बिछाकर कंघी करती हैं। उसके बाद जो भी बाल झड़ते हैं उसे सुरक्षित रख लेती हैं। बालों में वह नारियल के तेल का प्रयोग करती हैं।
प्राचीन भारतीय संस्कृति में देवी-देवताओं के बालों को देखकर मिली प्रेरणा
स्मिता बताती हैं कि उन्हें प्राचीन भारतीय संस्कृत में देवी-देवताओं के लंबे बालों को देखकर प्रेरणा मिली। उसके बाद वह 1980 के दशक की अभिनेत्रियों के शैली को अपनाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि अपने समाज में बालों को काटना अशुभ माना जाता है। इसलिए महिलाएं बाल नहीं कटाती थीं। लंबे बाल महिलाओं की सुंदरता को बढ़ाते हैं। फिलहाल स्मिता को लंबे बालों के चलते देश व प्रदेश में कई जगहों पर सम्मानिक की जा चुकी हैं।