क्षेत्र अंतर्गत बैंदो नैनुआ गांव में स्मार्ट मीटर के लिए ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव के लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तत्काल स्मार्ट मीटर हटाने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिलों में बढ़ोतरी हो गई है।
जहां पहले सामान्य बिल आता था, वहीं अब 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक के बिल थमाए जा रहे हैं। इससे गरीब किसान और मजदूर वर्ग के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ग्रामवासियों का कहना है कि सरकारी विभागों में अब भी मैन्युअल मीटर लगे हुए हैं, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं, खासकर गरीब किसानों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसे उन्होंने सीधा-सीधा भेदभाव और शोषण बताया है। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर के कारण गलत बिलिंग, ओवर बिलिंग और तकनीकी खराबियों की समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। शिकायत करने पर भी समाधान नहीं हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गुड्डी देवी, डॉ़ लालता पटेल, बड़े लाल, धीरेंद्र पटेल, गजराज आदि ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटर हटाकर मैन्युअल मीटर नहीं लगाए गए, तो वे आगामी चुनावों में वोट का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटर जबरदस्ती लगाकर चले गए और पीली पर्ची भी आज तक नहीं मिली। साथ ही तहसील और जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की भी बात कही है।
बिजली विभाग होश में आए
ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिजली विभाग तुरंत संज्ञान ले और स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पर पुनर्विचार करे। उनका कहना है कि बिलिंग व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के नाम पर लगाए गए स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं।