भाजपा समर्थित अपना दल प्रत्याशी राजकुमार पाल को अपना दल का चुनाव निशान कप-प्लेट मिलने पर संशय बरकरार है। इसका एहसास प्रत्याशी को होने पर विकल्प के रूप में कैंची और हवाई जहाज चुनाव चिह्न मांगा है। इधर चुनाव अधिकारी ने वर्णमाला के अनुरूप ही चुनाव चिह्न देेने की बात कही है।
सदर विधानसभा उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतरे भाजपा समर्थित अपना दल प्रत्याशी राजकुमार पाल को चुनाव चिह्न क्या मिलेगा, इसे लेकर प्रत्याशी के साथ ही समर्थकों में बेचैनी है।
दरअसल, अपना दल एस को अभी क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा नहीं मिला है, इसलिए उसे अधिकृत रूप से चुनाव चिह्न भी नहीं मिला है। यही वजह है कि चुनाव चिह्न क्या मिलेगा, यह वर्णमाला के क्रम पर निर्भर करता है। अपना दल प्रत्याशी ने कप-प्लेट चुनाव निशान मांगा है। मगर वर्णमाला के क्रम में यह चुनाव निशान किसी निर्दल प्रत्याशी को भी मिल सकता है।
इसलिए अपना दल प्रत्याशी ने विकल्प देकर कैंची और हवाई जहाज चुनाव चिह्न के रूप में मांगा है। फिलहाल इसका फैसला बृहस्पतिवार को होगा। मगर मैदान में कूदने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों की नजर भी कप-प्लेट चुनाव निशान पर टिकी हुई है। मंगलवार अपना दल प्रत्याशी राजकुमार पाल ने चुनाव अधिकारी से मिलकर कप-प्लेट चुनाव निशान मांगा है।
उन्होंने कहा है कि अगर यह चुनाव निशान संभव नहीं है तो कैंची या हवाई जहाज दे दिया जाए। इधर, चुनाव अधिकारी ने बताया कि वर्णमाला के अनुरूप चुनाव चिह्न का आवंटन किया जाएगा।