शाहगंज के मिन्हाजपुर में 20 वर्षीय युवती के फिनायल पीने के मामले मेें आखिरकार रिपोर्ट दर्ज हुई। युवती के पिता की तहरीर पर मारपीट, धमकी व गालीगलौज के आरोप में पार्षद समेत छह लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। हालांकि परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उचित धाराएं नहीं लगाईं।
मिन्हाजपुर निवासी 20 वर्षीय युवती ने एक दिन पहले फिनायल पीकर जान देने की कोशिश की थी। हालत बिगडने पर घरवाले उसे एसआरएन ले गए जहां उसका इलाज चल रहा है। पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाली महिला ने अपनी दो बेटियों संग मिलकर छह फरवरी की रात उसकी बेटी को बुरी तरह पीटा। आरोपी महिला पार्षद तस्लीमुद्दीन के घर में घरेलू काम करती है। उसने सुबह जाकर बताया तो पार्षद के बेटों शेखू व शमशुल ने घर पर चढ़कर उसकी बेटी को गालियां दी और मारने की धमकी दी।
जिसे वह सहन नहीं कर सकी और जहर खा लिया। परिवारवालों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने मामले को रफा दफा करने के लिए मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उधर अस्पताल में भर्ती पीड़ित युवती का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें वह घटना के बारे में बताते दिख रही है। इसमें उसने यह आरोप लगाया है कि पार्षद के बेटों ने उससे न सिर्फ गालीगलौज की बल्कि मारापीटा भी और जान से मारने की धमकी दी। उनकी वजह से ही उसने जान देने की कोशिश की। मामले में सीओ शाहगंज सत्येंद्र प्रसाद तिवारी का कहना है कि घरवालों के आरोप गलत हैं। जो भी तहरीर दी गई होगी, उसी के आधार पर ही मुकदमा दर्ज किया गया है।