फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर सड़क पर उतरे सिपाही भर्ती अभ्यर्थी, 17 गए जेल

Mon, 23 Mar 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली के खिलाफ अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज कर दिया है। सोमवार को अभ्यर्थी फिर से सड़क पर उतर आए और चंद्रशेखर आजाद पार्क सभा की कोशिश की। वहां से पुलिस ने खदेड़ा तो सभी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर एकत्र हुए और दोपहर में डेढ़ बजे के आसपास चक्का जाम लगा दिया। अभ्यर्थी दो घंटे तक नारेबाजी करते रहे लेकिन जैसे ही उन्होंने जुलूस निकालने की कोशिश की, पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने दो छात्रनेताओं समेत 17 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर लिया। अभ्यर्थियों पर धारा 144 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। रात में ही मेडिकल कराने के बाद सभी को नैनी जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


जेल जाने वालों में इविवि के छात्रनेता राणा यशवंत प्रताप सिंह और रजनीश सिंह भी शामिल हैं। आरोप है कि लाठीचार्ज में कुछ अभ्यर्थियों को चोटें भी आई हैं। अभ्यर्थियों के आंदोलन का सोमवार को तीसरा दिन था। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सिपाही भर्ती परीक्षा में खुलेआम धांधली की गई और चहेतों को कम अंक मिलने के बावजूद क्वालिफाई करा दिया गया। जबकि अधिक अंक पाने वालों का नाम नापजोख के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं है। अभ्यर्थियों के दो दिन के आंदोलन के दौरान पुलिस ने सख्ती तो की लेकिन किसी को जेल नहीं भेजा। इसके बाद भी अभ्यर्थी आंदोलन पर उतारू रहे तो पुलिस ने सोमवार को तेवर सख्त कर दिए। कंपनीबाग में पहले से ही फोर्स लगा दी गई थी। अभ्यर्थी वहां से खदेड़े गए तो सीधे छात्रसंघ भवन पहुंच गए।

राणा यशवंत समेत अन्य छात्रनेताओं ने आंदोलन की अगुवाई की। छात्रसंघ भवन के सामने सड़क पर उतर आए अभ्यर्थियों ने चक्काजाम के बाद सभा की। खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और चौराहे को चारों ओर से घेर लिया। अभ्यर्थी सड़क पर ही सरकार के खिलाफ भड़ास निकालते रहे। दिक्कत तब आई जब छात्रों ने जुलूस निकालने की कोशिश की। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो कई अभ्यर्थी भाग खड़े हुए। पुलिस ने 17 को पकड़ा और पुलिस लाइन ले आई। पहले तो यही कयास लगाया जाता रहा कि अभ्यर्थियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हालांकि अभ्यर्थियों के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। ऐलान किया गया है कि परिणाम को निरस्त किए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें