सिविल लाइंस बस स्टेशन के पास रेलवे की परीक्षा में नकल कराने वाले दो लोगों ने अपनी कार से आरपीएफ के एसआई को टक्कर मार दी। इसके बाद भी आरपीएफ कर्मियों ने कार में बैठे नकल माफियाओं को खदेड़ा तो कार चालक ने एक रिक्शे वाले को भी टक्कर मार दी। हादसे में कार का बंफर टूट गया फिर नकल माफिया कार छोड़कर भाग निकले। इस मामले में रेलवे की ओर से आरपीएफ एसआई को टक्कर मारने वाले दो लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने को तहरीर दी है।
इलाहाबाद जंक्शन की आरपीएफ टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सिविल लाइंस बस स्टेशन के पास कुछ नकल माफिया परीक्षार्थियों से रेलवे परीक्षा पास कराने की एवज में रुपये लेने आ आए हैं। नकल माफियाओं ने एक परीक्षार्थी से छह लाख रुपये मंगाए हैं। सूचना मिलने के बाद आरपीएफ एसआई एसएन पाटीदार जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। आरपीएफ टीम के पहुंचते ही दो युवक उन्हें देखकर कार में बैठ गए। उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने आरपीएफ एसआई को कार से टक्कर मार दी। इससे उनके पैर में चोट आ गई। यह देख एसआई के साथ में आए अन्य आरपीएफ जवानों ने कार का पीछा किया। इस बीच कार चला रहे युवक ने एक रिक्शे को ठोक दिया। जिससे कार का बंफर टूट गया। इसके बाद दोनों युवक कार छोड़कर भाग निकले। कार से आरपीएफ ने एक आधार कार्ड एवं एक वोटर आईकार्ड बरामद किया। दोनों ही कार्ड बिहार के भभुआ जिले के निवासी धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव के हैं। लोगों ने बताया कि जो व्यक्ति कार चला रहा था उसकी फोटो आधार कार्ड में लगी फोटो वाले व्यक्ति से मिल रही है। आरपीएफ इलाहाबाद जंक्शन के प्रभारी पीके राणा ने बताया कि रेलवे ने इस मामले में सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।