बेटे विदुप को पहले विधानसभा चुनाव में और उसके बाद अब नगर निकाय चुनाव में मेयर पद के लिए भाजपा द्वारा टिकट न दिए जाने पर इलाहाबाद के सांसद श्यामा चरण गुप्त की नाराजगी सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने बुधवार को झलक ही गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में श्यामा चरण ने कहा कि चुनाव में तमाम कार्यकर्ता टिकट मांगते हैं। जिन्हें नहीं मिलता वे नाराज हो जाते हैं। टिकट वितरण को लेकर थोड़ी मेरी भी नाराजगी रही है। हालांकि अगले ही पल श्यामा चरण ने यू टर्न लेते हुए ये भी कहा कि ‘कमल’ के लिए मैं पूरी तरह समर्पित हूं। इस दौरान श्यामा चरण ने वहां अपनी बातों से लोगों को हंसने के लिए भी खूब मजबूर किया।
दरअसल माइक थामने के बाद सांसद श्यामा चरण मंच पर बैठे मंत्रियों के नाम ले रहे थे। इसी दौरान उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का नाम की जगह पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह का नाम बोल दिया। उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ तो उन्होंने अपने उद्बोधन में राघवेंद्र नाथ सिंह का नाम बोल दिया। मंच पर बैठे अन्य लोगों ने जब उन्हें दो बार गलत नाम लेने पर टोका तो श्यामा चरण ने कहा कि बड़ी-बड़ी सभाओं में वे घबरा जाते हैं। इसी वजह से नाम में कंफ्यूजन हो गया। हालांकि मैंने जो दोनों नाम लिए, वे सिद्धार्थ नाथ सिंह के भाइयों के ही नाम है।
इसके बाद श्यामा ने दो बार सिद्ध, सिद्ध बोल कर अंत में सिद्धार्थ नाथ सिंह का नाम ले ही लिया। कहा, मेरे नाम के आगे गुप्त लगा हुआ है, लेकिन मैं गुप्त नहीं रहूंगा। यह सुनते ही सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव समेत अन्य लोग अपनी हंसी नहीं रोक सके। इस दौरान उन्होंने सीएम योगी की सादगी पर भी चर्चा की। कहा कि योगी ईमानदार नेता हैं। मैंने पांच हजार की सदरी पहन रखी है, जबकि सीएम ने 500 रुपये के भी कपड़े नहीं पहने हैं। कहा, लोकसभा और उसके बाद विधानसभा चुनाव में भाजपा की आंधी चली। ये आंधी निकाय चुनाव में भी नहीं रुकनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने सीएम से कहा कि गोरखपुर की तरह इलाहाबाद भी विकास के रास्ते पर सरपट दौड़ेगा।