इलाहाबाद। जानेमाने चित्रकार, कला समीक्षक और बीएचयू के दृश्यकला विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो.रामचंद्र शुक्ल नहीं रहे। वह बीते कई माह से अस्वस्थ थे। शनिवार को दोपहर बाद उन्होंने अपने बैरहना स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह तकरीबन 92 वर्ष के थे। वह अपने पीछे पांच बेटे, बहुओं, दो बेटियों से भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं।
वह अकेले ऐसे चित्रकार थे जिनका तूलिका और कलम दोनों पर समान अधिकार रहा। बेटे डॉ.प्रदीप शुक्ला के मुताबिक रविवार को सुबह आठ बजे नया बैरहना स्थित आवास से शवयात्रा दारागंज घाट के लिए प्रस्थान करेगी जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।