रामलला के गर्भगृह में 180 किलो सोने का प्रभु राम श्रीयंत्र स्थापित होगा। कांची मठ के धर्म प्रचारक रामचंद्रन के नेतृत्व में सोने के इस श्रीयंत्र की रथयात्रा लेकर वैदिक आचार्यों का दल रविवार को प्रयागराज पहुंचा। सोमवार को रथयात्रा अयोध्या स्थित कार सेवकपुरम पहुंचेगी।
वहां देशभर के वैदिक आचार्यों की मौजूदगी में महायज्ञ के बाद इस राम श्रीयंत्र को रामलला के गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव से एक दिन पहले 21 जनवरी को राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय के आग्रह पर कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने रामलला की बाल स्वरूप प्रतिमा में राम बीजमंत्र के प्राण अभिसिंचित किया था।
शंकराचार्य शंकर विजयेंद्र ने उसी दिन गर्भगृह में सोने का राम श्रीयंत्र स्थापित करने का संकल्प लिया था। स्वर्ण पत्तरों से मंडित श्रीयंत्र तैयार होने के बाद 17 अक्तूबर को कांची मठ से भव्य रथ पर अयोध्या के लिए यात्रा निकाली गई।