बेमौसम की बारिश और ओलावृष्टि तथा लॉकडाउन की मार झेल रहे किसानों को सरकार ने एक और झटका दिया है। प्रदेश सरकार ने हाइब्रिड धान के बीज पर मिलने वाली सब्सिडी खत्म कर दी है। सिर्फ केंद्र की सब्सिडी मिलेगी।
हाइब्रिड धान के अलग-अलग प्रजातियों के बीज की कीमत 25 हजार 700 रुपये से 30 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक निर्धारित की गई है। ब्लाक स्तर पर लगी दुकानों पर इसकी बिक्री भी शुरू हो गई है। पिछले वर्ष तक इन पर 50 फीसदी सब्सिडी मिली थी। इसमें प्रति क्ंिवटल 10 हजार रुपये के हिसाब से केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। शेष राशि प्रदेश सरकार देती रही लेकिन इस वर्ष से इसमें कटौती की गई है। उप निदेशक कृषि का कहना है कि किसानों को सिर्फ केंद्र सरकार की छूट का लाभ मिलेगा। यह राशि किसानों के सीधे खाते में जाएगी। फिलहाल किसानों को बीज की पूरी राशि देनी होगी।
नहीं हो पा रही हाइब्रिड धान की खरीदारी
हाइब्रिड धान की उपज में चावल मानक के अनुरूप नहीं मिल पाता। मानक के अनुसार एक क्विंटल धान में न्यूनतम 67 किग्रा चावल मिलना चाहिए लेकिन हाइब्रिड धान में 55 से 60 किग्रा ही मिल पाता है। इसकी वजह से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं हो पाती और सरकार को छूट देनी पड़ती है। इसकी भरपाई सरकार को करनी पड़ती है। अफसरों का कहना है कि हाइब्रिड धान के बीज पर से सब्सिडी वापस लिए जाने के पीछे यह मुख्य वजह है।