पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि जब भारत धर्म के आधार पर विभाजित था, तब भगवान राम का मंदिर नहीं था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब देश एक हुआ तो अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण शुरू हो गया है। उन्होंने सपा को सनातन विरोधी पार्टी बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहते कोई हमारी संस्कृति का नुकसान नहीं कर सकता है।
माघ मेला क्षेत्र स्थित अखिल भारतीय धर्म संघ के शिविर में युवा चेतना के दो दिवसीय धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज महानिर्वाण महोत्सव में उन्होंने यह बातें कहीं। निर्वाण महोत्सव का शुभारंभ स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती,स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी,पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल, इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने दीप जलाकर किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने कहा कि स्वामी करपात्री ने भारत की अखंडता के लिए बहुत प्रयास किया। न्यायमूर्ति अग्रवाल ने स्वामी करपात्री को अपने उद्बोधन में श्रद्धांजलि अर्पित की। स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती ने कहा की मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि स्वामी करपात्री जी की सेवा में रहना है।
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने स्वामी करपात्री महाराज के दर्शन से सीख लेने का आह्वान किया। बताया कि किसी भी सरकार ने स्वामी करपात्री को सम्मान नहीं दिया, लेकिन मोदी सरकार ने उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया।उन्होंने उम्मीद जताई कि वाराणसी से दिल्ली तक स्वामी करपात्री की स्मृति में धर्मसम्राट एक्सप्रेस चलाई जाएगी। अध्यक्षता करते हुए युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी करपात्री जी महामानव थे।
उन्होंने जीवन भर समाज को जोड़ने के लिए संघर्ष किया।उन्होंने कहा कि प्रभु राम और रामचरित मानस का विरोध करने वालों का समूल नाश सुनिश्चित है।भारत को विश्वशक्ति बनाने के लिए सभी युवाओं को खूब श्रम करना होगा। इस मौके पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. आरएन त्रिपाठी,संतोष श्रीवास्तव,पवन त्रिपाठी,रामाशंकर मिश्रा,मुकेश पांडेय,सत्यम अवस्थी,संदीप पांडेय आपा,राहुल शुक्ला,सुभाष यादव,बंटी पांडेय,अजय पांडेय,मयंक गुप्ता, संजय कन्नौजिया आदि उपस्थित रहे। इस दौरान अतिथियों को शाल देकर सम्मानित किया गया।