शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि बिजली पानी पर वोट दिया पर अब गाय को पशु नहीं मां मानने पर वोट दो। हमारी गाय माता चाहे बूढ़ी हो चाहे बीमार हो उसको काटने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि बिजली पानी पर वोट दिया पर अब गाय को पशु नहीं मां मानने पर वोट दो। हमारी गाय माता चाहे बूढ़ी हो चाहे बीमार हो उसको काटने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। सरकार अपने फायदे के लिए गाय के मांस का निर्यात कर रही है और उससे मिलने वाले पैसे का उपयोग कर रही है। गविष्ठि यात्रा पर निकले शंकराचार्य रविवार को प्रयागराज पहुंचे। पथरचट्टी रामलीला कमेटी के ग्राउंड में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
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शंकराचार्य ने ने कहा कि आसुरी शक्तियां हमेशा से गायों पर आक्रमण करती रहेंगी। क्योंकि गायें सनातन धर्म का मूल हैं। गाय ना हो तो सनातन धर्म नहीं रहेगा। जैसे किसी पेड़ के मूल को अगर काट दिया जाए, तो उसकी पत्तियों और डाली को कितना भी कोई सींचे वो पेड़ उस पर नहीं रह सकता। उसी तरह से सनातन धर्म की जड़ गाय है, ब्राह्मण है और वेद हैं।
ये तीन जो हैं सनातन धर्म के मूल हैं। जो कोई व्यक्ति सनातन धर्म को समाप्त करना चाहता है, वो इन्हीं तीन के ऊपर प्रहार करता है। इसलिए गाय के ऊपर प्रहार हो रहा है। क्योंकि पहले लोगों ने तरह-तरह के प्रयास कर लिए। बहुत से लोग तलवार लेकर हमारे देश में आए। हमको तलवार दिखाई कि गला काट देंगे हमारे धर्म में आ जाओ, लेकिन हम नहीं गए।
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वोटर लिस्ट में नाम कटवाकर जीता बंगाल का चुनाव
शंकराचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग की मदद से एसआईआर कराकर बंगाल चुनाव में जीत हासिल की गई। लाखों लोगों का नाम काट दिया गया। जिससे लोग वोट डालने से वंचित रह गए। हिंदुओं को बरगलाया गया और धर्म के नाम पर भड़काकर वोट हासिल किया गया।