पत्रकारों से बातचीत करते शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्य मुकुंदानंद गिरि।
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जांच में आशुतोष ब्रह्मचारी पर हमले की नहीं हुई पुष्टि
डॉ. मिश्रा ने दावा किया कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य और उनके तीन चार शिष्यों को फंसाने के लिए ट्रेन में अपने ऊपर फर्जी हमले की साजिश रची थी जो कि जांच में फर्जी पाई गई। सीएमओ की ओर से गठित मेडिकल जांच में पाया गया है कि नाक में खरोंच जैसा निशान है। जख्म इतना मामूली है कि टांके भी नहीं लगाए जा सकते। यह किसी धारधार हथियार से हमला नहीं किया गया है। दूसरी ओर से जीआरपी के एसपी ने भी अपनी जांच में मामले को असत्य पाया। 50 से अधिक सीसीटीवी की जांच में यह पाया गया कि इनकी बोगी में कोई नहीं चढ़ा था। कोच अटेंडेंट ने बयान दिया है कि वह मौके पर मौजूद था। जब यह बाथरूम में गए तो सही सलामत थे, निकलने के बाद बोले कि हमला हो गया। टीटीई ने प्राथमिक उपचार के लिए कहा तो मना कर दिया और 70 किलोमीटर यात्रा करके प्रयागराज पहुंचे और यहां मेडिकल कराया।