पूरब की हवा में बैठने से खराब हुई तबीयत
उन्होंने कहा हम तो शिविर के बाहर बैठे हुए हैं क्या कुछ हो रहा है आप लोग बेहतर जानते है। पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के वसंत पंचमी पर बिना पालकी के स्नान करने के सवाल पर कहा कि यह उनकी इच्छा है। शंकराचार्य की इच्छा पर अंकुश नहीं लगा सकते हैं। शंकराचार्य को यह नहीं कह सकते कि तुम पैदल जाओ उतरो पालकी से। शंकराचार्य से यह भी नहीं कह सकते कि तुम पैदल नहीं जा सकते चढ़ो पालकी पर।
उन्होंने कहा कि पुरी के शंकराचार्य की इच्छा का विषय है। वह पैदल जाना चाहते हैं तो पैदल जा रहे हैं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यह कहा है कि उनकी टेक तब तक बनी रहेगी। जब तक प्रशासन ससम्मान उन्हें गंगा स्नान नहीं कराता है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा भविष्य के लिए सुनिश्चित घोषणा नहीं कर दी जाती है। वहीं अपने स्वास्थ्य को लेकर कहा कि पूरब की हवा में ज्यादा देर बैठने से शरीर में थकान आ गई थी।
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य ने कहा कि अभी ओढ़ कर हमने अपने आप को बचा लिया है। अब मैं ठीक हूं। वहीं सोमवार को गोप्रतिष्ठा यात्रा न निकाले जाने के सवाल पर कहा कि वसंत पंचमी पर ज्यादा भीड़ को देखते हुए आज यात्रा स्थगित थी, लेकिन कल फिर से यात्रा अनवरत जारी रहेगी।