नगर निगम ने बुधवार को शाहगंज इलाके में अतिक्रमण अभियान चलाकर सात रैंप और चबूतरे तोड़ दिए। कार्रवाई के दौरान 32 गुमटी-ठेले भी ध्वस्त किए गए। कब्जेदारों से निगम के दस्ते ने 15,200 रुपये बतौर शमन शुल्क वसूल किए। स्थानीय लोगों ने समीरा होटल के पास एक पार्षद के दो मंजिला अवैध निर्माण और दुकान को भी तोड़ने का दबाव बनाया। अफसरों के मुताबिक पार्षद को नोटिस दी गई है, आदेश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान में सूचना के बाद भी सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ और इंस्पेक्टर शाहगंज शामिल नहीं हुए। एक दरोगा के साथ कुछ सिपाही और पीएसी के जवान दस्ते के साथ भेजे गए।
अतिक्रमण प्रभारी सुमित कुमार के निर्देश पर अतिक्रमण निरीक्षक पीयूष मोहिले और जोन एक के प्रभारी मुन्ना लाल शाहगंज थाने पहुंचे। वहां से फोर्स लेकर तोड़ू दस्ते ने नखासकोहना से कार्रवाई शुरू की तो खलबली मच गई। रोड पटरी पर ठेला-गुमटी लगाने वाले भागने लगे। दस्ते ने नखासकोहना से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की फिर दस्ता डफरिन अस्पताल होते हुए गाड़ीवान टोला तक पहुंचा। सस्ता बाजार की अस्थायी दुकानों को छोड़कर फुटपाथ खाली कराया। इस दौरान तीन शेड और सात चबूतरे-रैंप तोड़े गए। 32 गुमटी, ठेले भी ध्वस्त कर कब्जेदारों को चेतावनी दी गई। थोड़ी देर में संकरी गली बनी नखासकोहना की सड़क और रोड पटरी खाली हो गई। तोड़ू दस्ते के साथ गए निगम कर्मचारियों ने अतिक्रमण करने वालों से 15,200 रुपये जुर्माना वसूल किया।