इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलों पर बिजली बिल के छह करोड़ 96 लाख 30 हजार 396 रुपये बकाया हैं। इन हॉस्टलों की बिजली किसी भी दिन काटी जा सकती है। विश्वविद्यालय के अभियंता ने डीएसडब्ल्यू को इसकी सूचना दी है और डीएसडब्यू ने हॉस्टलों के अधीक्षकों को बकाया बिल का भुगतान करने को कहा है। हालांकि ट्रस्ट के हॉस्टलों पर बिजली का बिल अधिक बकाया है।
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मंगलवार को कमिश्नरी में हुई बैठक में मंडलायुक्त आर. रमेश कुमार ने भी यह मुद्दा उठाया। इस पर डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह ने कमिश्नर को बताया कि ट्रस्ट के हॉस्टलों का बकाया जमा करने की जिम्मेदारी संबंधित ट्रस्ट की है। इविवि के जो भी हॉस्टल हैं, वहां के अधीक्षकों से कहा गया है कि माहवार बिजली का बिल जमा करें। साथ ही बकाया बिल एक साथ जमा नहीं कर सकते हैं तो उसे किस्तों में जमा कर दें। जल्द ही सात करोड़ रुपये बकाया बिल जमा करा दिया जाएगा।
प्रशासन ने हॉस्टल खोलने का निर्णय इविवि पर छोड़ा
कमिश्नरी में हुई बैठक के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों को खोले जाने का मुद्दा भी उठा। साथ ही यह चर्चा भी हुई विश्वविद्यालय में शांति व्यवस्था कैसे बनाकर रखी जाए। कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने इविवि प्रशासन के अफसरों से कहा कि कोविड-19 को लेकर सरकारी की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार काम करें। हॉस्टलों को लेकर सरकार की जो भी गाइड लाइन हो, इविवि प्रशासन उसी के अनुसार निर्णय ले। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया किया अगर इस मामले में लॉ एंड ऑर्डर की कोई समस्या आती है तो प्रशासन की तरफ से पूरी मदद की जाएगी। इविवि में लॉ एंड ऑर्डर एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई अन्य मुद्दों पर भी प्रशासन और इविवि के अफसरों के बीच लंबी चर्चा हुई।