फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ्लैट में महिला के कत्ल का मामला : सात दिन, 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ और नतीजा शून्य

Thu, 01 Dec 2022 06:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मामले में सर्जन व महिला से संबंधित के अलावा बिल्डिंग से जुड़े 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। बिल्डिंग में लगे कैमरों के अलावा आसपास की दुकानों-घरों पर लगे कैमरों के सीसटीवी फुटेज भी खंगाले जा चुके हैं।
विज्ञापन
Prayagraj News :डॉक्टर का फ्लैट जिसमें मिली थी महिला की लाश। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सर्जन के फ्लैट में महिला की हत्या का मामला पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनकर रह गया है। हाल यह है कि सात दिन की जांच में 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ के बाद भी पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। 168 घंटे की जांच के बाद भी कातिल का सुराग तो छोड़िए, हत्या का मकसद तक पता नहीं चल सका है। ऐसे में अब जांच को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। घटना की जानकारी 24 नवंबर को हुई थी और बुधवार को लगातार सातवें दिन पुलिस यही कहती रही कि जांच जारी है। 

विज्ञापन



मामले में सर्जन व महिला से संबंधित के अलावा बिल्डिंग से जुड़े 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। बिल्डिंग में लगे कैमरों के अलावा आसपास की दुकानों-घरों पर लगे कैमरों के सीसटीवी फुटेज भी खंगाले जा चुके हैं। लेकिन नतीजा शून्य ही है। सूत्रों का कहना है कि सर्जन दीपकेंदु मित्रा की ओर से जांच में पूरी तरह से सहयोग नहीं किया जा रहा है। कई सवालों के जवाब के तौर पर वह जानकारी न होने की बात कह रहे हैं और यह बात गले से उतरने लायक नहीं है। जैसे मृतका के मोबाइल नंबर की जानकारी होने की बात से भी वह इंकार कर रहे हैं। 


जानकारों का कहना है कि महिला सात-आठ सालों से सर्जन के फ्लैट में रह रही थी, यह बात उन्होंने लिखित में घटना के बाद पुलिस को दी थी। ऐसे में यह कैसे हो सकता है कि उनके पास उसका नंबर न हो। उधर पुलिस जिस तरह से सर्जन के जवाबों पर चुप्पी साधे हुए है, उससे भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।  फिलहाल इस मामले में अफसर जांच का हवाला देकर ही ज्यादा कुछ कहने से बच रहे हैं। एसपी सिटी संतोष कुमार ने सिर्फ इतना ही कहा कि विवेचना चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगेे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मृतका के बैंक खाते में भी सर्जन का ही नंबर
पुलिस बैंक पहुंची तो हुआ खुलासा, आधार की भी यही थी कहानी प्रयागराज। फ्लैट में महिला के मृत मिलने के मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता चला है कि उसके बैंक खाते में भी सर्जन दीपकेंदु मित्रा का ही मोबाइल नंबर दर्ज था। इससे पहले मौके से बरामद आधार कार्ड में भी सर्जन का ही नंबर लिंक मिला था। सूत्रों का कहना है कि फ्लैट की जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को एक पासबुक मिली। इससे पता चला कि मृतका का एक बैंक खाता भी था। बैंक ऑफ बड़ौदा में यह खाता खुलवाया गया था। 


पुलिस जब बैंक में पहुंची तो वहां एक ऐसी जानकारी मिली जिससे वह चौंक गए। पता चला कि महिला के बैंक खाते से संबंधित दस्तावेजों में भी सर्जन का ही नंबर दर्ज था। दरअसल पुलिस मृतका के मोबाइल नंबर की तलाश में बैंक पहुंची थी। माना जा रहा था कि बैंक में तो उसका मोबाइल नंबर जरूर दर्ज होगा। लेकिन वहां भी पुलिस को मायूसी हाथ लगी। गौरतलब है कि इससे पहले उसके आधार कार्ड से भी सर्जन का ही मोबाइल नंबर लिंक मिला था। 


अब सवाल यह है कि यह महज संयोग है या यह किसी गहरी साजिश का नतीजा है। बैंक खाता बेहद निजी होता है और इसमें आमतौर पर कोई व्यक्ति अपना ही नंबर दर्ज कराता है। ऐसे में मृतका के खाते से संबंधित दस्तावेजों में सर्जन का मोबाइल नंबर क्यों और कैसे दर्ज कराया गया, यह बड़ा सवाल है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें