स्टांप एवं उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। उधर, डुप्लीकेट सिम बेचने के आरोप में गिरफ्तार दुकानदार व एक अन्य बुधवार को जेल भेज दिए गए।
मंत्री नंदी को फोन पर धमकी देेकर पांच करोड़ की रंगदारी गई है। जिसमें उनके वकील की ओर से कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि जिस सिम से धमकी दी गई वह बांदा निवासी अधिवक्ता की आईडी पर लिया गया था। बाद में जानकारी मिली कि धमकी देने वाला हमीरपुर निवासी पुनीत है। जांच में यह बात भी सामने आई कि अधिवक्ता की आईडी लगाकर बांदा निवासी दो लोगों ने आरोपी पुनीत को डुप्लीकेट सिम जारी किया।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि लक्ष्मण मार्केट के मोती पार्क के बगल से बांदा निवासी श्रवण कुमार अक्कू व बांदा के ही पंकज कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि दोनों ने सिम फर्जी तरीके से दूसरे की आईडी पर एक्टिवेट कर बेचा था। बुधवार को दोनों को जेल भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने मुकदमे में फर्जीवाड़े की धारा भी बढ़ाई। खास बात यह है कि कोतवाल बच्चे लाल प्रसाद का कहना है कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को फर्जीवाड़े के साथ ही मुकदमे में दर्ज अन्य धाराओं यानी रंगदारी मांगना व धमकाने का भी आरोपी बनाया गया है।
उधर बुधवार को एसएसपी अतुल शर्मा ने बताया कि मंत्री को धमकाने व रंगदारी मांगने के मामले के आरोपी की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान पता चला है कि मंत्री के मोबाइल पर सिर्फ धमकी भरा एसएमएस आया। फिलहाल किसी तरह की कॉल आने की जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि मंत्री के वकील की ओर से जो तहरीर दी गई थी उसमें कहा गया था कि 12 मई की दोपहर 12.10 मिनट पर मंत्री के मोबाइल पर कॉल कर पांच करोड़ की रंगदाीर मांगी गई। साथ ही रुपये न देने पर हत्या की धमकी दी गई।
उधर आरोपी श्रवण के घरवालों ने पुलिस पर फर्जी कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस चार दिन पहले ही श्रवण और पंकज को हिरासत में ले लिया था। चार दिन तक बैठाए रखने के बाद मंगलवार को उनकी गिरफ्तारी लक्ष्मण मार्केट से दिखाई गई। जबकि उन्हें चार दिन पहले घर से उठाया गया था। आरोप लगाया कि धमकी देने के आरोपी पुनीत को न पकड़ पाने पर पुलिस ने बदनामी से बचने के लिए इन दोनों को जेल भेज दिया।