इलाहाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2015 के पहले चरण के मतदान को लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय के साथ ही पुलिस प्रशासन की तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया गया है। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि जिले के पांच विकास खंडों में होने वाले पहले चरण के मतदान में निष्पक्ष चुनाव कराने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पांचों विकास खंडों मेजा, करछना, उरुवा, मांडा और कोरांव में चिह्नित किए गए 38 अति संवेदनशील, 75 अतिसंवेदनशील व 88 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
पहले चरण में 10 निरीक्षकों, 102 उपनिरीक्षकों, 122 हेड कांस्टेबिल, 1348 पुलिसकर्मियों, 2085 पीएसी के जवानों, 1800 होमगार्ड्स तैनात किए जा रहे हैं। मतदान के लिए प्रत्येक ब्लाक में एक एक सुपर जोनल पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। पहले चरण के मतदान में 474 मतदान केंद्रों और 1062 मतदेय स्थलों पर मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैलने पाए, इसके लिए दो कंपनी पीएसी तैनात की जा रही है। पांचों विकास खंडों में 26 क्लस्टर मोबाइल टीमें गठित की गई हैं।
मेजा, करछना में छह, मांडा-कोरांव में पांच और खीरी में चार कलस्टर मोबाइल टीम लगाई गई है। प्रत्येक थाने पर तीन अतिरिक्त मोबाइल टीमाें सहित क्यूआरटी की 10 टीमें तैनात की गई है। अनाधिकृत लोगों की आवाजाही पर नजर रखने को 31 बैरियर स्थापित किए गए हैं जिसमें से सात बैरियर मध्य प्रदेश की सीमा से जुड़े हैं। इन पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है जो बैरियर से होकर गुजरने वाले प्रत्येक वाहन व लोगों पर नजर रखेंगे।
मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या मतदान में आ रही दिक्कतों के बारे में जानकारी कंट्रोल रूम 0532-2548077 पर दी जा सकती है। मतदान से जुुड़ी जानकारी कंट्रोल रूम के अलावा जोनल, सुपर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट को भी सीधे दी जा सकती है।
मतदान सुबह सात से शाम पांच बजे तक
मतदान सुबह सात से लेकर शाम पांच बजे तक होगा लेकिन पांच बजे तक जो भी मतदाता लाइन में लग जाएगा, उसे किसी भी सूरत में मतदान कराया जाएगा। पीठासीन अधिकारी लाइन में लगने वाले अंतिम व्यक्ति को पहली पर्ची जारी कर देंगे। उसके बाद किसी को लाइन में नहीं लगने दिया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में निष्पक्ष मतदान कराने को लेकर कुल 4248 पीठासीन और मतदान अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गई है। प्रत्येक मतदेय स्थल पर एक पीठासीन और दो मतदान अधिकारी रहेंगे जो चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। मतदान से पहले या इसके दौरान कोई भी पीठासीन और मतदान अधिकारी शराब पिए हुए या कोई भी गलत काम करता पाया गया तो उसे तत्काल ड्यूटी से हटाकर दूसरे अधिकारी की तैनाती कर दी जाएगी।