30 नवंबर को आरोपी की होनी थी शादी
आरेापी ने पूछताछ में बताया कि वह पटियाला में ट्रेड गनर के रूप में कार्यरत है। 30 नवंबर को सोरांव थाना क्षेत्र की एक युवती से उसकी शादी होनी है, इसलिए वह आठ नवंबर से छुट्टी पर चल रहा है। उसने बताया कि छात्रा के मामा का घर उसके गांव कुसुंगुर के पास है। छात्रा के ममेरे भाई गांव के ही एक मैदान में दौड़ने आया करते थे। इसके बाद से वह छात्रा को जानने लगा था। करीब आठ माह पहले इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई।
बालसन चौराहे पर मिली थी छात्रा
पूछताछ में आरोपी बताया कि जून माह में छात्रा से प्रयागराज में पहली मुलाकात हुई। दोनों में चैटिंग और वीडियो कॉलिंग होने लगी। इस बीच फेसबुक आईडी समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से छात्रा को पता चला कि उसकी शादी तय हो गई है। वह अपने साथ शादी करने के लिए जिद करने लगी। काफी मनाने के बावजूद वह अड़ी रही। शादी करने का झूठा वादा कर उसे 10 नवंबर को स्कूल के बहाने बालसन चौराहे पर मिलने के लिए बुला लिया।
हत्या के बाद उसी के दुपट्टे से बांधे थे दोनों पैर
आरोपी की ओर से पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार बाइक पर छात्रा को बिठाने के बाद वह कंपनी बाग गया। शाम पांच बजे तक साथ रहने के बाद उसे घटनास्थल पर ले गया। इसके बाद चाकू से उसकी हत्या कर दोनों पैर उसी के दुपट्टे से बांध दिया और फिर पास के मंदिर के पास रखे फावड़े की मदद से उसे जमीन में दफना कर फरार हो गया। छात्रा के बैग को घटनास्थल से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर फेंक दिया।
घटना के दिन मौके पर खड़ा था आरोपी
हैरत की बात यह है कि शव मिलने की सूचना पर जब भीड़ जुटी थी तो उसी भीड़ में लड़की की हत्या का कातित सेना का जवान भी खड़ा हुआ था। आरोपी फौजी का गांव कैंटोनमेंट एरिया के पास एक गांव में बताया जा रहा है। यह पटियाला में बोफोर्स में बतौर पायलट तैनात है। शादी तय होने के बाद वह घर छुट्टी लेकर आया था। लड़की के बराबर दबाव बनाने के चलते वह मामला सार्वजिनक हो जाने के कारण डर गया। उसे भय था कि मामला खुल गया तो उसकी शादी भी टूट सकती है। इसके भय से इसने लड़की की हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया।