प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी में तैनात वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी अरुण कुमार मिश्र को आर्थिक अपराध शाखा वाराणसी में ही तैनात रखने का शासन का 24 अक्तूबर 2019 का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने शासन को निर्देश दिया की 2018 स्थानांतरण नीति के तहत अरुण मिश्र को प्रयागराज स्थानांतरित करने पर सरकार तीन सप्ताह में निर्णय ले। अरुण कुमार मिश्र की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने दिया है।
याची का कहना था कि उन्होंने वाराणसी से प्रयागराज स्थानांतरण के लिए हाईकोर्ट में पहले भी याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने चार दिसंबर 2018 को निदेशक यूपी विजलेंस स्थापना लखनऊ को वाराणसी से प्रयागराज स्थानांतरण के लिए प्रत्यावेदन दिया था। फरवरी 2019 को उनका प्रत्यावेदन स्वीकार कर लिया गया। मगर, इसके बाद शासन ने अक्तूबर 2019 को याची को वाराणसी में ही तैनात रखने का निर्णय लिया। याची का कहना था कि वह 2020 में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में स्थानांतरण नीति के तहत उनको अपने गृह जनपद प्रतापगढ़ के बगल के जिले में तैनात किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने शासन का आदेश रद्द करते हुए याची की प्रयागराज में तैनाती के संबंध में स्थानांतरण नीति के तहत तीन सप्ताह में निर्णय लेने का आदेश दिया।