नैनी को झूंसी से जोड़ने के लिए संगम के ऊपर से पुल निर्माण की कार्रवाई तेज कर दी गई है। हालांकि, इसके लिए अभी शासनादेश का इंतजार है लेकिन इस प्रोजेक्ट को नई सरकार की भी स्वीकृति मिलने की बात कही जा रही है। रिवाइज प्रोजेक्ट का प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। शासनादेश जारी होने के बाद पुल निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा।
यह पुल वृद्ध, अशक्त और दिव्यांग तीर्थ यात्रियों के लिए बनना है। पुल बनने के बाद उन्हें कई किलोमीटर की दूरी पैदल नहीं तय करनी पड़ेगी। झूंसी से सीधे संगम पहुंच जाएंगे। पुल और फ्लाईओवर के निर्माण में 1250 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछली सरकार ने इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति देने के साथ 300 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए हैं लेकिन प्रदेश सरकार बदलने के बाद इसे लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। अब सरकार की सहमति मिलने के बाद नए सिरे से प्रस्ताव भेजने की तैयारी है।
बढ़ेगी मुआवजे की रकम
नैनी से झूंसी को जोड़ने वाले पुल के निर्माण में झूंसी की ओर पांच गांव की कुछ जमीन भी आ रही है। इसे अधिग्रहण किया जाना है। एडीएम एफआर की अध्यक्षता में 22 अप्रैल को हुई बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई। जमीन के मूल्य का निर्धारण सर्किल रेट तथा भू-स्वामियों की सहमति से तय होना है। ऐसे में जमीन की कीमत कई गुना बढ़ने की बात कही जा रही है। सीएंडडीएस की ओर से डीएम को इस रिपोर्ट सौंपी गई है।
बनेंगे फ्लाईओवर, चौड़ी होगी सड़क
इलाहाबाद। अर्द्धकुंभ से पहले पानी टंकी तथा बैरहना के पास चार लेन के फ्लाईओवर बनने हैं। इसमें सेना की जमीन भी आ रही है। सेना से जमीन खरीदने का मसौदा तैयार हो चुका है। फ्लाईओवर का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जा चुका है। इसी तरह से बालसन चौराहा से फाफामऊ से आगे तक चार लेन की सड़क बननी है। इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजा जा चुका है। चूंकि स्थानीय स्तर पर कमिश्नर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ऐसे में अब कमिश्नर की समीक्षा के बाद फाइनल प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार की मुहर लगने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।