हर एक विद्यालयों के 500 से अधिक पन्ने
एसआईटी की ओर से मांगी गईं चारों विद्यालयों की जानकारियों को एकत्र करने में जिला विभाग को डेढ़ माह का वक्त लग गया। अभिलेखों में कोरांव, कौड़िहार, सुरवल सहनी और खाई करछना के चार राजकीय आश्रम विद्यालयों में तैनात कार्मिकों का विवरण, छात्रों की सूची, प्रधानाचार्य व अध्यापकों की तैनाती, विद्यालयों के सभी कार्य आदि सभी जानकारियां दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार हर एक विद्यालयों के करीब 500 से अधिक पन्नों के अभिलेख तैयार किए गए थे।
इसलिए एसआईटी ने दर्ज किया था मुकदमा
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को भोजन, आवास, छात्रावास, पुस्तकें, स्टेशनरी व अन्य सुविधाएं समाज कल्याण विभाग की ओर से निशुल्क मुहैया कराई जाती हैं। लेकिन, एसआईटी की जांच में सामने आया था कि वर्ष 2018-19 से 2021-22 के बीच सभी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में ग्रामीण विकास सेवा संस्थान नामक संस्था को भोजन व्यवस्था का काम दिया गया था। आरोप है कि तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी ने विद्यालयों के प्रधानाचार्य और अधीक्षकों से मिलकर 1.38 करोड़ का गबन किया है।