इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हंडिया तहसील के हरिहरपुर गांव में गांव सभा की जमीन से अवैध कब्जा न हटाने पर एसडीएम, तहसीलदार और एसएसपी प्रयागराज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने अधिकारियों को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा है कि यदि अतिक्रमण कर्ता के पक्ष में किसी सक्षम न्यायालय का स्थगन आदेश है तो अदालत के समक्ष लाया जाए।
कृष्ण बिहारी मिश्र की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर ने दिया है। याची के अधिवक्ता ने पंकज कुमार गुप्ता का कहना था कि सक्षम अधिकारियों को राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत अतिक्रमण हटाने के लिए प्रत्यावेदन दिया गया मगर उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस फोर्स उपलब्ध न हो पाने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। इस पर कोर्ट ने याचिका में एसएसपी प्रयागराज को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। याची का कहना था कि अधिकारी अपने वैधानिक दायित्वों का पालन करने में असफल रहे हैं। जबकि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण हटाना उनका वैधानिक दायित्व है। कोर्ट का कहना था कि प्रदेश में सार्वजनिक भूमि पर सर्वाधिक अतिक्रमण होते हैं। यदि अधिकारी अपने कर्तव्य का पालन नहीं करेंगे तो इस संबंध में बने कानून बेमानी हो जाएंगे।
सरकारी वकील ने बताया कि अतिक्रमण कर्ता के पक्ष में स्थगन आदेश है जबकि याची के अधिवक्ता का कहना था कि अतिक्रमणकर्ता ने दो याचिकाएं दाखिल की थीं मगर वह दोनों खारिज हो चुकी हैं। इसके जवाब में सरकारी वकील ने बताया कि दोनों याचिकाओं के पुनर्स्थापना की अर्जी लंबित हैं। कोर्ट का कहना था कि इसका अर्थ है कि इस मामले में कोई स्थगन आदेश नहीं है। कोर्ट ने एसडीएम और तहसीलदार हंडिया तथा एसएसपी प्रयागराज को नोटिस जारी कर पूछा है कि किन परिस्थितियों में वह अतिक्रमण हटाने में विफल रहे हैं।