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स्काउट-गाइड कैंप में अव्यवस्था, छात्र-छात्राएं परेशान

Sun, 08 Jul 2018 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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राष्ट्रपति अवार्ड के लिए भारत स्काउट-गाइड परिसर में लगे कैंप में अव्यवस्था का बोलबाला है। स्काउटिंग के प्रमाण पत्र के लिए प्रारंभिक तैयारी कैंप में भाग लेने आए प्रदेश भर के छात्र-छात्राएं अव्यवस्था के शिकार हैं। छात्रों की ओर से अव्यवस्था की शिकायत पर उन्हें परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जा रही है। छोटे-छोटे कमरों में 70 से 80 छात्रों को ठहराया गया है। एक पलंग पर तीन-तीन छात्र लेट रहे हैं। आलम यह है कि छात्र-छात्राओं के लिए एक ही शौचालय है, बड़ी संख्या में छात्र तो खुले में शौच के लिए मजबूर हैं।
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छह से 10 जुलाई तक चलने वाले कैंप में 450 से अधिक छात्र-छात्राएं आए हैं। कैंप में छात्रों को रहने केलिए जो कमरे और टेंट दिए गए हैं, उसमें जरूरी सुविधाओं का अभाव है। कमरों में पंखे तक नहीं चल रहे हैं। छात्रों का कहना है कि परिसर में सात नल लगे हैं, परंतु उसमें एक में ही पानी आ रहा है। हैंडपंप से गंदा पानी आ रहा है।

कैंप में भाग लेने आए रायबरेली के 86 छात्रों के समूह ने बताया कि साफ पानी नहीं मिलने से बाहर से बोतल बंद पानी खरीदकर पीने को मजबूर है। आयोजकों ने शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं से कैंप के लिए 550 रुपये वसूल किए हैं। साथ ही आयोजक छात्रों को धमकी दे रहे हैं कि सुविधा चाहते हो या राष्ट्रपति कैंप की परीक्षा पास करना चाहते हो? रायबरेली के छात्र जिस कमरे में ठहरे हैं उसकी खिड़की टूटी हुई है, शुक्रवार की रात एक छात्र का बैग चोर उठाकर ले गए। इसी प्रकार की शिकायत सीतापुर से आए छात्रों की है। उनका कहना है कि कैंप में जो शौचालय बनाया गया है, वह बेहद गंदा है।
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कैंप प्रभारी मौके पर नहीं मिले
कैंप प्रभारी एवं सहायक प्रादेशिक आयुक्त स्काउट सुरेश कुमार तिवारी दिन में दो बजे स्काउट गाइड परिसर में मौजूद नहीं थे। उनके मोबाइल पर बार-बार संपर्क करने की कोशिश की गई, परंतु फोन नहीं उठा।

मेरठ से आई छात्राओं की टीम को नहीं मिला ठिकाना
मेरठ से आई छात्राओं की टीम शुक्रवार रात को कमरे नहीं मिले। इस वजह से टीम को परिसर के बरामदे में रात 12 बजे तक बैठना पड़ा। उन्हें पीने के लिए पानी और खाना तक नहीं मिला। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कैंप में कोई व्यवस्था नहीं।
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