युवाओं को ये तथ्य चौका सकते हैं लेकिन सत्य हैं। वाणिज्य, प्रबंधन तथा विज्ञान के विषयों में पीएचडी तथा नेट-जेआरएफ हजारों युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं। खास यह कि पीएचडी और जेआरएफ क्वालीफाई करने के बावजूद बेरोजगारी का दर्द झेल रहे युवाओं में इन विषयों के अभ्यर्थियों की सूची सबसे लंबी है। यह स्थिति तब है जब देश के ज्यादातर उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों के 50 फीसदी से भी अधिक पद खाली हैं।
प्रोफेशनल कोर्सेज को छोड़ दें तो स्नातक और परास्नातक के लिए कॉमर्स छात्र-छात्राओं का सबसे पसंदीदा विषय बन गया है। विज्ञान विषयों में दाखिला के लिए भी काफी मारा-मारी है लेकिन यूजीसी के आंकड़े ऐसे विद्यार्थियों को निराश कर सकते हैं। यूजीसी के पोर्टल पर नौकरी के लिए राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) पास 34297 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें सबसे अधिक प्रबंधन के 4713 और इसके बाद कॉमर्स के 2953 अभ्यर्थी हैं।
इसके बाद शिक्षाशास्त्र में 2296 अभ्यर्थी हैं। इसी तरह से पंजीकरण कराने वाले जेआरएफ अभ्यर्थियों की संख्या 9498 है। इनमें सबसे अधिक प्रबंधन के 859, कॉमर्स के 708 और शिक्षाशास्त्र के 589 अभ्यर्थी हैं। राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) क्वालीफाई कुल अभ्यर्थियों की संख्या 8473 है। इनमें सबसे अधिक 815 कॉमर्स के हैं। इसके बाद 699 अभ्यर्थी जीव विज्ञान के हैं। पीएचडीधारक पंजीकृत अभ्यर्थियों की कुल संख्या 18053 है। इनमें सबसे अधिक जीव विज्ञान के 3041 अभ्यर्थी हैं। इसके बाद रसायन विज्ञान के 1645 तथा तीसरे नंबर पर भौतिकी के 1090 अभ्यर्थी हैं। इसके बाद कॉमर्स में 902 अभ्यर्थियों ने नौकरी के लिए पंजीकरण कराया है।