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जर्जर स्कूल की छत से भर भराकर गिरी ईंटें, बाल-बाल बचे नौनिहाल

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School roof scrab falls in Bara.
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बारा। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते विकास खंड जसरा का प्राथमिक स्कूल सेहुड़ा में नौनिहाल जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। बुधवार की सुबह बच्चे स्कूल की जर्जर छत के नीचे बैठकर पढ़ रहे थे कि अचानक छत की दीवार भर भरा कर नीचे गिर गई। जिससे बच्चे घबराकर इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने बताया की कई बार जर्जर स्कूल को मरम्मतीकरण हेतु तहसील प्रशासन से लेकर विभागीय अधिकारियों को सूचित किया गया, किंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
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विकास खंड जसरा का प्राथमिक स्कूल सेहुड़ा लगभग दो वर्ष से जर्जर की अवस्था मे चल रहा है। जहां नौनिहाल अपनी जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई कर रहे है। ग्रामीण नागेंद्र सिंह, नीरज केसरवानी, गोविंद, राजेश, शनि व शीत कुमार ने बताया कि पूर्व में लगातार कई बार समाधान दिवस से लेकर विभागीय अधिकारियों को सूचित किया गया। अखबारों में भी खबर प्रकाशित की गई, किंतु अफ सरों की लापरवाही कहे य तानाशाही रवैये के चलते आज तक जर्जर स्कूल का मरम्मतीकरण नहीं कराया जा सका। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा विभाग के अफसर जिम्मेदारी के प्रति कितना संजीदा है। जिसका खामियाजा नौनिहालों व उनके अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है। अफसरों की लापरवाही के चलते बुधवार को बड़ी घटना होते-होते बच गई। छत की दीवार गिरने से बच्चे अचानक सहम गए और भागने लगे। सूचना मिलने पर स्कूल पहुंच कर अभिभावकों ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्चों को स्कूल न भेजने का निर्णय लिए। स्कूल की प्रधानाध्यापिका मनीता जायसवाल ने बताया कि पांच कमरों के स्कूल में दो कमरे व एक बरामदा पिछले दो वर्ष से जर्जर है। पठन- पाठन की समस्या व मरम्मतीकरण हेतु कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित कराया जा चुका है, किंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बाबत एबीएसए जसरा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फ ोन नहीं उठा।
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