प्रदेश के दूसरे जिले में निजी स्कूलों में फीस वसूली पर रोक लगाए जाने के बाद भी स्कूल प्रबंधन की ओर से फीस जमा करने के लिए अभिभावकों के पास नोटिस भेजे जाने के मामले को अमर उजाला द्वारा उठाए जाने का असर होता दिखाई पड़ रहा है। अमर उजाला में मंगलवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद शहर के कुछ स्कूलों की ओर से अभिभावकों को मैसेज भेजकर फीस वसूली की तिथि मई के अंत तक करने की बात कही है। जनहित संघर्ष समिति ने बच्चों की तीन महीने की फीस माफ करने की मांग की है।
सेंट जोसफ कॉलेज की ओर से अभिभावकों को मैसेज करके फीस जमा करने की तिथि मई के अंत तक बढ़ाई गई है। इससे पहले स्कूल की ओर से फीस जमा करने की तिथि 30 अप्रैल तय की गई थी, अब मुख्य सचिव के निर्देश के बाद स्कूल की ओर से फीस वसूली की तिथि बढ़ा दी गई है। प्रधानाचार्य फादर थामस कुमार का कहना है कि लॉकडाउन और महामारी के चलते अभिभावकों को फीस जमा करने के लिए मई के अंत तक का समय दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अंतिम तिथि के बाद भी कोई अभिभावक शुल्क नहीं जमा कर पाता है तो नाम नहीं काटा जाएगा।
पतंजलि ऋषिकुल के प्रधानाचार्य नित्यानंद सिंह ने बताया कि उनके स्कूल की ओर से अभिभावकों से फीस जमा करने की अपील की गई है, फीस जमा करने की कोई अंतिम तिथि नहीं निर्धारित की गई है। साथ ही अभिभावकों को कोरोना संकट के दौरान भेजी गई अपील में यह भी कहा गया है कि पहली अप्रैल से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं, इसलिए हर बच्चे का अगली कक्षा में प्रवेश अपने आप हो गया। किसी बच्चे का नाम नहीं काटा जाएगा।