जाति बदलकर भी दे दिया लाभ
सूची के अनुसार पूजा शुक्ला का 2021 में 18 मई और फिर 30 अगस्त को रजिस्ट्रेशन कराया गया था। दोनों दफे लाभ भी दिया गया। इसी तरह से राखी, अंकिता पांडेय, साधना, बरम देई, सुषमा, सुशीला, सोनम तिवारी, गीता देवी, श्रद्धा, ज्ञान देवी, सुमन, बबिता के नाम दिए हैं, जिन्हें दो बार 20-20 हजार रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा 298 ऐसे लाभार्थी भी हैं, जिन्हें शादी के बाद भी अनुदान राशि प्रदान की गई। जबकि, नियमानुसार यह गलत है। इतना ही नहीं, 2017 में कई बेटियों को सामान्य वर्ग में दर्शाते हुए लाभ प्रदान किया गया। जबकि, वे अल्पसंख्यक वर्ग की हैं।
डीएम के निर्देश पर सीडीओ शिपू गिरि ने उप निदेशक समाज कल्याण मंजूश्री श्रीवास्तव को पूरे मामले की जांच सौंपी है। उनसे जुलाई में ही रिपोर्ट मांगी गई थी लेकिन अभी दस्तावेजों का सत्यापन का काम पूरा नहीं हो सका है। इसी क्रम में उप निदेशक ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को दोबारा पत्र लिखकर 27 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी थी लेकिन अभी तक नहीं मिल पाई है।
विभाग के एक अफसर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में शिकायतकर्ता की तरफ से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज सही पाए गए हैं लेकिन इसमें लाभार्थियों का पता नहीं दिया गया है। ऐसे में रजिस्ट्रेेशन नंबर के आधार पर इनका सत्यापन करने में देरी हो रही है।
उप निदेशक को प्रारंभिक रिपोर्ट भेज दी गई है। सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। जल्द ही फाइनल रिपोर्ट उप निदेशक को भेजी जाएगी। -त्रिनेत्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
शादी अनुदान में गड़बड़ी की शिकायत आई है। उप निदेशक को जांच सौंपी गई है। आज (बृहस्पतिवार) भी इस बारे में बात हुई है। दो-तीन दिनों में रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -शिपू गिरि, सीडीओ