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Prayagraj : एससी-एसटी एक्ट का केस रद्द, धमकी के आरोप में डिस्चार्ज अर्जी पर निर्णय का निर्देश

Fri, 23 Jan 2026 04:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। साथ ही याचियों को निर्देश दिया है कि अपराध से उन्मुक्त (डिस्चार्ज) किए जाने की अर्जी दाखिल करते हैं तो संबंधित अदालत साक्ष्यों और कानून के आधार पर उस पर निर्णय करे।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाबाद हाईकोर्ट ने एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। साथ ही याचियों को निर्देश दिया है कि अपराध से उन्मुक्त (डिस्चार्ज) किए जाने की अर्जी दाखिल करते हैं तो संबंधित अदालत साक्ष्यों और कानून के आधार पर उस पर निर्णय करे। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष चंद्र शर्मा की एकल पीठ ने विवेक शर्मा व अन्य की याचिका स्वीकार करते हुए दिया।

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कोर्ट ने वाराणसी के कैंट थाने में विवेक शर्मा और काजल राय के खिलाफ एससी/एसटी के तहत दर्ज आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी। साथ ही कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों और शिकायतकर्ता के बयानों से यह साबित नहीं होता कि आरोपियों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया था।

याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि काजल राय शिकायतकर्ता राजेश कुमार की किरायेदार थीं। 18 माह के बकाये को लेकर विवाद था। इसी विवाद के चलते झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। साथ ही शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये देने का दबाव बनाया। इससे इन्कार करने पर दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पुलिस की विवेचना के दौरान शिकायतकर्ता राजेश कुमार और उनकी भाभी चंपा देवी ने अपने बयानों में कहीं भी जाति सूचक गालीगलौज का आरोप नहीं लगाया है। केवल रुपये न देने पर झूठे केस में फंसाने की बात कही गई है, जिससे एससी/एसटी एक्ट की धाराएं लागू नहीं होतीं। 

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