जलकल विभाग के करीब 73.61 लाख रुपये का गबन करने वाले खलासी सौरभ निषाद ने कार्यालय आना ही छोड़ दिया है। पिछले छह महीने से उसका कुछ अता-पता नहीं है। जलकल अधिकारियों की तरफ से कई बार सौरभ को नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
पंप रूम के खलासी सौरभ निषाद को गबन का मामला सामने आने पर मुख्यालय से हटाकर नैनी स्थित जोन पांच के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। जुलाई 2025 तक वह कार्यालय आया, लेकिन इसके बाद उसने शरीर में खुजली होने की बात कहकर कार्यालय आना छोड़ दिया। इसके बाद से वह लापता है।
इतना ही नहीं नगर निगम कर्मचारी संघ से भी उसने दूरी बना ली है। गबन का प्रकरण सामने आने के बाद नगर निगम कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार श्रीवास्तव ने भी सौरभ से संपर्क करना चाहा, लेकिन सौरभ ने एक-दो बार के बाद फोन उठाना बंद कर दिया।
गबन का प्रकरण सामने आने के बाद सौरभ को निलंबित कर दिया गया था। उसे नैनी स्थित जोन पांच के कार्यालय से संंबद्ध किया गया था। करीब एक महीने तक सौरभ कार्यालय आया। इसके बाद उसने कार्यालय आना बंद कर दिया। कई बार मैंने इस संबंध में मुख्यालय को पत्र लिखा, लेकिन उसका कुछ अता-पता नहीं है।
- मनोज चौधरी, अधिशासी अभियंता, जोन पांच, जलकल विभाग