बैंकों में पदों की कटौती का क्रम अभी जारी है। इस निराशा के बीच कोरोना महामारी ने प्रतियोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस दौरान एसबीआई और कोऑपरेटिव बैंक में ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। इन बैंकों में करीब 12 हजार पदों पर भर्ती की गई। इनमें नौ हजार से अधिक पदों पर कोऑपरेटिव बैंक में भर्ती हुई है। इसके विपरीत सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों में कोई भर्ती नहीं हुई।
बैंकिंग कार्यपद्धति तथा भर्ती प्रक्रिया के जानकार राजीव पांडेय का कहना है कि बैंकों में पदों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसकी वजह से मेधावी युवाओं का बैंकिंग के प्रति मोह भी भंग हो रहा है। वे दूसरे विभागों को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, भविष्य में बड़े स्तर पर भर्ती की उम्मीद की जा सकती है। बैंकों में लोग लगातार रिटायर हो रहे हैं। वहीं बैंकों का लगातार विस्तार भी हो रहा है। अब बैंकों में तकनीकी का इस्तेमाल बढ़ गया है। ऐसे में तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं के लिए अवसर की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।