इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पासपोर्ट अधिकारियों को हरियाणवी डांसर सपना चौधरी के पासपोर्ट नवीनीकरण के आवेदन पर एक माह में निर्णय लेने और आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है। कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति शमीम अहमद की कोर्ट ने सुनाया।
सपना चौधरी पर लखनऊ में धोखाधड़ी सहित दो मामले दर्ज हैं और वह जमानत पर हैं। मामला ट्रायल कोर्ट में लंबित है। सपना ने पासपोर्ट नवीनीकरण की अनुमति के लिए एसीजेएम कोर्ट में आवेदन किया, जिसे यह कहकर खारिज कर दिया गया कि अदालत के पास पासपोर्ट नवीनीकृत करने की अनुमति देने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। वकील ने कहा कि भविष्य में बरी कर दिया जाता है तो पेशेवर काम के लिए विदेश न जाने से उनका काफी नुकसान होगा। पासपोर्ट नवीनीकरण से इन्कार करना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के यात्रा दस्तावेज को उसके लंबित आपराधिक मुकदमे के दौरान संबंधित अधिकारी की ओर से अस्वीकार किया जा सकता है। लेकिन, संबंधित अदालत की ओर से अनापत्ति देने पर कोई रोक नहीं है। अधिसूचना और विदेश मंत्रालय के कार्यालय ज्ञापन की अनदेखी कर एसीजेएम कोर्ट ने आदेश दिया था, जिसे कोर्ट ने रद्द कर दिया। कोर्ट ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को एक महीने में पासपोर्ट के नवीनीकरण करने का निर्देश दिया। साथ ही विदेश जाने से पहले संबंंधित कोर्ट को सूचित कर अनुमति लेने और निर्धारित तारीख पर उपस्थित होने का निर्देश दिया।