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मेला दफ्तर में महामंडलेश्वर संतोष दास पर हमले की कोशिश

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प्रयागराज। महाकुंभ, कुंभ और माघ मेला में बसने के लिए आवंटित होने वाली भूमि के विवाद में सोमवार को खाक चौक और अयोध्या की मणिराम दास छावनी के संतों के बीच विवाद बढ़ गया। मेलाधिकारी के शिविर कार्यालय में भूमि विवाद सुलझाने के लिए बुलाई गई बैठक में महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा पर हमले की कोशिश की गई। इस दौरान मेलाधिकारी व पुलिस अफसरों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया। शाम को संतोष दास ने रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य राम गोपाल दास व माधव दास पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। मेलाधिकारी के अनुसार इस मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। रिपोर्ट आने पर कदम उठाया जाएगा।
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मेला कार्यालय में भूमि आवंटन पर बुलाई गई बैठक के दौरान खाक चौक के क्रमांक 192 पर अंकित वाल्मीकि खालसा के ब्रह्मलीन महंत विजय रामदास के स्थान पर दूसरे संत का नाम दर्ज कराने के प्रस्ताव पर विवाद हो गया। महंत नृत्य गोपाल दास के शिष्य राम गोपाल दास उस पर अपना नाम दर्ज कराना चाहते थे, जबकि सतुआ बाबा ने उस पर आपत्ति लगा दी। इस दौरान कहासुनी के बाद बात मारपीट तक पहुंच गई। सतुआ बाबा का आरोप है कि राम गोपाल दास और माधव दास ने उनपर अफसरों के आगे हमला करने की दो बार कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनको बचा लिया। लेकिन, राम गोपाल ने जमीन पर नाम दर्ज न होने पर उनको जान से मारने और मेला क्षेत्र में नींद हराम कर देने की धमकी दी है। इस मसले पर खाक चौक के संतों की मंगलवार को बैठक होगी।
खाक चौक के ब्रह्मलीन संत की भूमि पर नाम दर्ज कराने को लेकर संतों में विवाद हुआ है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। किसी भी दशा में अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। रजनीश मिश्र, प्रभारी मेलाधिकारी।
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