डॉ. मोहन भागवत
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तकरीबन तीन माह के अंतराल के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत एक बार फिर प्रयागराज पहुंच रहे हैं। यहां वह नदियों, तालाबों और सभी तरह के जल स्रोतों को बचाने के लिए 20 फरवरी को संगम तट पर गंगा समग्र की राष्ट्रीय बैठक में शिरकत करेंगे। गंगा सेवकों के साथ होने वाली इस बैठक में गंगा की निर्मलता के लिए कार्य करने वाले ही नहीं, बल्कि गंगा समाज से जुड़े प्रत्येक वर्ग की बेहतरी के लिए मंथन होगा। इसमें मल्लाह, पंडा, कर्मकांड करने वाले पुजारी, माली सहित सभी की आजीविका का मुद्दा उठेगा।
मोहन भागवत के प्रयागराज आगमन के पूर्व माघ मेला क्षेत्र में 18 फरवरी गंगा समग्र की प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। हालांकि संघ की ओर से इस कार्यक्रम की अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि संघ प्रमुख का प्रयागराज आगमन का कार्यक्रम तय है। वह 19 फरवरी की रात में ही यहां पहुंच जाएंगे। 20 फरवरी को वह गंगा समग्र की बैठक में भाग लेंगे। चर्चा है कि यह बैठक माघ मेला में विश्व हिंदू परिषद के शिविर में हो सकती है। इस बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल के भी शामिल होने की संभावना है। बैठक में नदियों में प्रदूषित कचरे को रोकने, तालाबों को पुनर्जीवित करने के संबंध में लोगों को जागरूक करने की मुहिम पर भी चर्चा होगी।
तालाबों के संरक्षण के साथ समाज सेवा का भी कार्य कर रहा गंगा समग्र
गंगा समग्र तालाबों के संरक्षण के साथ ही उनके पुनरोद्धार के लिए भी काम कर रहा है। संगठन की ओर से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम किए जा रहे हैं। जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही संगठन समाज में भी सेवा कार्य कर रहा है। कोरोना काल में भी संगठन द्वारा समाज सेवा के तमाम कार्य किए गए।