अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की रूपरेखा तय करने में प्रयागराज की अहम भूमिका रहेगी। यहां संगम तीरे विहिप के मार्गदर्शक मंडल की अहम बैठक 20 जनवरी को होने जा रही है। इस बैठक में मंदिर निर्माण से संबंधित सभी पहलुओं पर विचार विमर्श होगा। मंदिर निर्माण की तारीख भी बैठक में घोषित होने जा रही है। विहिप ने इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी आमंत्रित किया है। बैठक में जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के भी शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा मंदिर निर्माण ट्रस्ट न्यास के मुखिया महंत नृत्यगोपाल दास भी इस बैठक में शामिल होंगे।
विहिप केंद्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक पहले प्रयागराज में क्षेत्रीय स्तर पर होनी थी। लेकिन मंगलूर में आयोजित केंद्रीय बैठक में शिरकत कर प्रयागराज लौटे प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद की कोर कमेटी ने तय किया है कि जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण की दिशा में संत समाज मंथन करे इसके लिए विहिप के माघ मेला शिविर में मार्गदर्शक मंडल की बैठक में मंदिर निर्माण के तमाम पहलुओं पर चर्चा हो। उन्होंने बताया कि बैठक में जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास शामिल होंगे।
इस दौरान जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर का प्रस्तावित मॉडल मेले में रखा जाएगा। 20 जनवरी को हुए चिंतन का प्रस्ताव 21 जनवरी को होने वाले संत सम्मेलन में हजारों संतों के बीच रखा जाएगा। इस बैठक में विहिप के अध्यक्ष वीएस कोकजे, महामंत्री मिलिंद पंराडे, कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार, केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, साध्वी ऋतंम्भरा के साथ तमाम नामी संत शामिल होंगे। प्रांत संगठन मंत्री ने बताया कि माघ मेले में ही प्रयाग में जन्मभूमि के विषय के सभी जागरण एवं आंदोलन के कार्यक्रम तय हुए हैं। संत सम्मेलन ऐतिहासिक हो इसके लिए संगठन ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। सभी अखाड़ों, प्रमुख आश्रम एवं मठों की सहभागिता बैठक में हो इसके लिए निमंत्रण भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परेड ग्राउंड में विहिप के शिविर में कार्यक्रमों की तैयारी के लिए मंगलवार सात जनवरी को दिन में तीन बजे स्थानीय पदाधिकारियों की बैठक होगी।