मंसूर अली पार्क में गत 15 दिनों से महिलाएं अपने हक की खातिर गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह आंदोलन छेड़े हुए हैं। इनके सत्याग्रह को धरना या प्रदर्शन कहना गलत होगा। यह बातें आज मंसूर अली पार्क में बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं को सम्बोधित करते हुए पूर्व मंत्री व करछना के विधायक उज्ज्वल रमण सिंह ने कही।
महिलाओं द्वारा नेशनल रजिस्टर सिटिजनशिप (एनआरसी), राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और नागिरकता संसोधित कानून (सीएए) के विरोध में बैठी महिलाओं के जज्बे को सलाम करते हुए कहा कि आप लोग बधाई की पात्र हैं जो इतनी भीषण ठण्ड में चारों ओर से खुले पार्क में अपने हक की लड़ाई लड़ रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा की हम सब आप के साथ हैं और यह लड़ाई हिन्दू-मुस्लिम की नहीं, यह लड़ाई गोडसेवादी सोच के खिलाफ लड़ी जा रही हैं और देश का हर अमन पसंद हिन्दुस्तानी आप के साथ खड़ा है।
पूर्व अतिरिक्त महाअधिवक्ता कमल सिंह यादव ने कहा कि सत्याग्रह पूरी तरह कानून के दायरे में हो रहा है। उन्होंने मंसूर अली पार्क में महिलाओं-युवतियों व नौजवानों से कहा कि आप हरगिज न डरें अगर आप पर कानून को गलत तरीके से प्रशासन ने थोपा और एफआईआर में गिरफ्तारी की कोशिश की तो हम तमाम अधिवक्तागण जेलों को भर देंगे। उन्होंने प्रशासन को चेताया कि बेवजह किसी को परेशान न किया जाए। अगर शान्तिपूर्वक सत्याग्रह कर रही महिलाओं, नौजवानों व बच्चियों को नामजद किया गया तो उस से पहले देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के इस संदर्भ में दिए गए बयान पर उन पर भी एफआईआर कर के दिखाएं तब मंसूर अली पार्क का रुख करें।
आंदोलनरत महिलाओं को एनटीपीसी के पूर्व जी.एम. उत्तर प्रदेश एच एल गौतम ने भी अपना समर्थन देते हुए आंदोलनकारी महिलाओं को सम्बोधित किया। वहीं अधिवक्ता इफ्तेखार हुसैन, पंधारी यादव, दुर्गा गुप्ता, विनय कुशवाहा, सबीहा मोहानी, मंजू यादव, निशा शुक्ला, नेहा यादव आदि ने भी महिलाओं को समर्थन देते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
धरनारत महिलाओं को अनूसूचित जाति जन जाति के महानगर अध्यक्ष रोबिन लोहिया गिहार अपने समाज की महिलाओं व नौजवान साथियों के साथ समर्थन देने पहुंचे। बिन्नू गुप्ता, लक्षमण यादव, अंकित विश्वकर्मा, इन्दल श्रीवास्तव, शिवशंकर केसरवानी, सुरेश सिंह, श्यामू यादव, राजेश यादव, दिलीप यादव, पूर्व पार्षद नन्दलाल नन्दा आदि भी साथ रहे। पार्षद रमीज अहसन, पार्षद फजल खान,पार्षद गौसिया समद, पूर्व पार्षद अब्दुल समद, महबूब उसमानी, मो. अस्करी, मुजफ्फर बागी, शोएब खां, मोईन हबीबी, आकिब जावेद खान, मो. अजहर, कांग्रेसी नेता इरशाद उल्ला, एआईएमआईएम के अफसर महमूद, मशहद अली खां, अब्बास नकवी, रेहान अहमद, सऊद अहमद, नदीम अली, औन जैदी, मो. जाहिद आदि भी महिलाओं के सत्याग्रह में शामिल रहे।