इलाहाबाद। गुरु पूर्णिमा शुक्रवार को दंडी संन्यासियों ने चातुर्मास व्रत का संकल्प लिया। वहीं बौद्ध भिक्षुओं ने वर्षावास का अधिष्ठान किया।
अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने विधिविधान से चातुर्मास व्रत शुरू किया। उनके सानिध्य में दंडी संन्यासियों ने गंगा स्नान कर व्रत का संकल्प लिया। व्रत की पूर्णता भादों पूर्णिमा को होगी। इस दौरान दंडी संन्यासी नदी पार नहीं करेंगे।
अरैल स्थित सम्राट हर्षवर्धन बुद्ध बिहार मेें बौद्ध भिक्षुओं ने तीन माह के वर्षावास का अधिष्ठान किया। बौद्ध कम्यून इंटरनेशनल के निदेशक जीएस शाक्य की देखरेख में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में उपासक उपासिकाओं ने अधिष्ठान की पूर्ति के लिए संकल्प दोहराया।