रमजान का मुकद्दस महीना अपने आखिरी पड़ाव पर है। एक ओर जहां रोजेदारों को इस बरकत से भरे महीने के जाने का गम है, वहीं ईद-उल-फितर की खुशियों का इंतजार भी है। इस मौके पर उलमा-ए-किराम ने लोगों को जकात व फितरा अदा करने की हिदायत दी है।
कौड़िहार स्थित नूरी जामा मस्जिद में नमाज के बाद मौलाना अब्दुल कादिर व मुबारकपुर जमा मस्जिद के इमाम हाफिज नूरमुजस्साम ने कहा कि माहे रमजान अल्लाह की रहमतों, बरकतों और मगफिरत का महीना है। इस महीने में हर नेकी का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है।