हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की मौजूदा कार्यकारिणी का कार्यकाल 23 जनवरी को खत्म हो रहा है। बार एसोसिएशन की वार्षिक आमसभा 23 जनवरी को आहूत की गई है, जिसमे वार्षिक बजट पेश किए जाने के साथ ही नए चुनाव की घोषणा की जायेगी। इसी बीच अधिवक्ता निधि समेत कई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कार्यकारिणी और कोषाध्यक्ष के बीच रार मच गई है।
वर्तमान कार्यकारिणी ने अध्यक्ष और सचिव के नाम लिखे पत्र के जरिए सामूहिक इस्तीफा देते हुए कोषाध्यक्ष आशीष मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, कार्यकारिणी के सामूहिक इस्तीफे की मूल प्रति अध्यक्ष अशोक सिंह को नहीं मिली है, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए उन्हें इस बात की जानकारी हुई है। बातचीत में अध्यक्ष अशोक सिंह ने बताया कि कोषाध्यक्ष आशीष मिश्रा की गतिविधियों को लेकर काफी समय से कार्यकारिणी और कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।
जिसके कारण 22 दिसंबर को हुई आमसभा में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष में से किसी भी एक की अनुपस्थित रहने पर भी भुगतान किए जाने का प्रस्ताव लाया गया, जो आमसभा ने पास किया। लेकिन कोषाध्यक्ष की ओर से लगातार अशोभनीय कृत्यों को सद्भावनापूर्वक नजरंदाज किया जा रहा था। लेकिन अधिवक्ता हितों को लेकर कार्यकारिणी के सामूहिक इस्तीफे पर गहन विचार विमर्श के बाद समुचित निर्णय लिया जाएगा।
उधर, कोषाध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा ने सामूहिक इस्तीफे को राजनैतिक साजिश का हिस्सा बताते हुए सारे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पलटवार करते हुए मौजूदा पदाधिकारियों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए है। अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से नाराज आशीष मिश्रा ने कहा कि वह तीन बार के निर्वाचित पदाधिकारी है, कार्यकाल के अंतिम समय ने लगाए गए आरोप से वह दुखी है, जिसके खिलाफ वह मानहानि का दावा दाखिल करेंगे।