स्मार्ट सिटी में स्मार्ट बिजली व्यवस्था की तैयारी शुरू हो गई है। योजना के पहले चरण में शहर के 33/11 केवीए के सभी 44 सबस्टेशनों को रिमोट टर्मिनल यूनिट (आरटीयू) से जोड़ने के साथ ही अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक उपकरणों से लैस किया जाएगा। निजी कंपनियों टाटा इलेक्ट्रिक कंपनी, सीमंस एवं फीडबैक कंपनियों के तकनीकी विशेषज्ञों ने शनिवार को पूर्वांचल पावर कारपोरेशन के मुख्य अभियंता एसपी पांडे के साथ बैठक की। इस दौरान अधीक्षण अभियंता आरसी शर्मा, डीके दोहरे और अश्वनी कुमार के अलावा कई अधिशासी अभियंता भी रहे।
मुख्य अभियंता ने बताया कि अब शहर के सभी 44 सबस्टेशनों की बिजली आपूर्ति की मानीटरिंग अधिकारियों, कर्मचारियों की जगह अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक उपकरणों से की जाएगी। सबस्टेशन में आरटीयू लगाए जाएंगे। सभी सबस्टेशनों को मेन कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। किस सबस्टेशन को कितनी यूनिट बिजली आपूर्ति की गई और कितनी यूनिट खपत हुई, कितनी यूनिट बिजली चोरी गई इसका पता लगाया जाएगा। मीटर युक्त ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे। लोड अत्यधिक होने या लाइन ट्रिप होने की स्थिति में सबस्टेशन अपने आप शट डाउन हो जाएगा। मुख्य अभियंता ने बताया कि शहर की बिजली आपूर्ति के लिए आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक सुुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा सिस्टम (स्काडा), प्रोग्राम इवैलुएशन स्काडा और रिव्यू सिस्टम (पर्ट) जैसी आधुनिकतम टेक्नोलॉजी की मदद ली जाएगी।