आरटीसी : इमारत निर्माण को रेलवे जल्द उपलब्ध कराए जमीन
एक माह के भीतर बेंच की स्थापना पर न्यायमूर्ति ने एनसीआर के जीएम की सराहना की
जस्टिस अहलूवालिया बोले- क्लेम के लिए अब लोगों को नहीं काटने पड़ेंगे लखनऊ के चक्कर
प्रयागराज। रेल ट्रिब्यूनल बेंच अभी फिलहाल एनसीआर जीएम के पुराने कार्यालय में ही चलेगी। हालांकि रेल दावा अधिकरण (आरसीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति केएस अहलूवालिया ने जीएम एनसीआर से कहा है कि वे आरसीटी के लिए जल्द जमीन उपलब्ध करवाएं। ताकि आरसीटी की खुद की इमारत का निर्माण हो सके।
न्यायमूर्ति केएस अहलूवालिया ने महज एक माह के भीतर प्रयागराज में बेंच की स्थापना कर लिए जाने पर जीएम एनसीआर राजीव चौधरी की सराहना की। कहा कि रेल दुर्घटना में शिकार होने वाले अधिकांश लोग गरीब तबके के होते हैं। लोगों को क्लेम के लिए लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा प्रयागराज में ही मिलेगी। इसके पूर्व कार्यक्रम में रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कामर्शियल मधुसूदन राव, जीएम एनसीआर राजीव चौधरी, सदस्य न्यायिक संजीव अग्रवाल और आरसीटी के रजिस्ट्रार केपी यादव की मौजूदगी में मुख्य न्यायाधीश ने दीप प्रज्ज्वलित, शिलापट्ट का अनावरण एवं नए ट्रिब्यूनल कोर्ट रूम का फीता काटा। इस अवसर पर पीसीसीएम एमएन ओझा, डीआरएम अमिताभ, एनामुल हक, मनु दुबे, नवीन दीक्षित, अंशु पांडेय, हिमांशु उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
आरसीटी प्रयागराज को स्थानांतरित होंगे 1900 मामले
वर्तमान में आरसीटी लखनऊ की बेंच में तकरीबन 6300 प्रकरण लंबित है। इस बेंच की स्थापना के पश्चात इन 17 जिलों से संबंधित तकरीबन 1900 मामलों को प्रयागराज बेंच में स्थानांतरित किया जाएगा। बता दें कि पिछले माह 12 सितंबर को ही इस बेंच की स्थापना का नोटिफिकेशन जारी हुआ था। माह भर में ही इस बेंच का शुभारंभ कर दिया गया।