हॉस्टल न मिलने से हताश छात्र रजनीकांत की आत्महत्या के मामले में जांच के लिए गठित समिति की सिफारिश पर कुलपति ने 50 हजार रुपये मुआवजा स्वीकृत कर दिया है। जांच समिति ने मामले में केपीयूसी हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. हौसिला सिंह को पत्र जारी करते हुए उनका पक्ष पूछा है।
कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की ओर से गठित जांच समिति की चीफ प्रो. रामसेवक दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्र रजनीकांत यादव द्वारा की गई आत्महत्या पर शोक व्यक्त किया गया। समिति ने निर्णय लिया कि केपीयूसी हॉस्टल के अधीक्षक डॉ. हौसिला सिंह से उनके पक्ष पूछने के लिए उन्हें पत्र प्रेषित किया जाए। समिति की ओर से मुआवजे के लिए कुलपति को प्रस्ताव भेजा गया और कुलपति ने 50 हजार रुपये मुआवजा दिए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी।
यह भी तय हुआ कि इसके अतिरिक्त मुआवजा प्रदान करने के लिए कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार को भी जांच समिति की ओर से संस्तुति पत्र भेजा जाएगा। डॉ. हौसिला सिंह का पक्ष प्रस्तुत किए जाने और एफआईआर एवं सुसाइड नोट की प्रति मिलने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार के लिए अगली बैठक 13 फरवरी को शाम चार बजे चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में जांच समिति के सदस्य प्रो. रमेंद्र कुमूार सिंह, प्रो. हर्ष कुमार, डॉ. आरके सिंह मौजूद रहे।