57 पेंशनरों के खाते में भुगतान
कोर्ट ने उपरोक्त मामले में हुई एफआईआर का संज्ञान लेते हुए कहा कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि कुल 42,04,22,093 रुपये की पब्लिक मनी का घोटाला हुआ है। यह राशि 57 पेंशनरों के खातों में पेंशन एरियर के नाम पर भेजी गई। ऐसे मामले अन्य जिलों में भी हो सकते हैं।
फर्जी जीवन प्रमाण पत्र के जरिए निकाली जा रही पेंशन
हाईकोर्ट ने विशेष रूप से उन मामलों की जांच के निर्देश दिए हैं, जहां पेंशनर की मृत्यु हो चुकी है। बावजूद इसके फर्जी जीवन प्रमाण पत्र के आधार पर अपात्र लोग पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ उठा रहे हैं।
मुख्य सचिव को भेजा गया आदेश
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस पूरे मामले की जांच सभी जिलों में कराई जाए और इस आदेश की एक प्रति प्रदेश के मुख्य सचिव को भी भेजी जाए, ताकि पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ से जुड़े भुगतान में हो रहे संभावित घोटालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।