नगर निगम के जोन-3 और जोन-7 में 1.44 करोड़ के गबन का मामला सामने आया है। दो आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों पर आरोप है कि गृहकर के संबंध में उनकी ओर से काटी गई रसीदों की धनराशि निगम के कोष में जमा नहीं कराई गई।
नगर निगम के जोन-3 और जोन-7 में 1.44 करोड़ के गबन का मामला सामने आया है। दो आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटरों पर आरोप है कि गृहकर के संबंध में उनकी ओर से काटी गई रसीदों की धनराशि निगम के कोष में जमा नहीं कराई गई। कर्नलगंज पुलिस एफआईआर दर्ज कर जांच में जुटी है।
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मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, नगर निगम जोन-3 में कार्यदायी संस्था के माध्यम से आकाश श्रीवास्तव व जोन-7 में सत्यम शुक्ला बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात थे। सत्यम ने 30 मार्च को आईटी ऑफिसर केशव गुप्ता से कहकर अपनी कंप्यूटर आईडी से 29 मार्च को अलग-अलग जोन की काटी गई 14 रसीदें निरस्त करवा ली। साथ ही आईडी भी निष्क्रिय करा ली गईं।
मामला संज्ञान में आने के बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में जोन- 3 व 7 में कार्यरत दोनों ऑपरेटरों की ओर से काटी गई समस्त गृहकर रसीदों का मुख्य नगर लेखा परीक्षक से ऑडिट कराया गया। ऑडिट/जांच आख्या से पता चला कि आकाश की कंप्यूटर आईडी से 88 गृहकर रसीदें काटी गईं। इसका कुल गृहकर धनराशि रु 18,08,661/- नगर निगम कोष में जमा नहीं कराया गया।
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इसी तरह जोन 7 में सत्यम की कंप्यूटर आईडी से गृहकर की कुल 387 रसीदें काटी गईं जिनका कुल गृहकर धनराशि रु0 1,26,05,368/- नगर निगम कोष में जमा नहीं कराया गया।
आरोप है कि जांच आख्या से स्पष्ट है कि दोनों ने वितीय वित्तीय अनियमितता की है एवं काटी गई रसीदों से प्राप्त धनराशि जमा नहीं कराई है। कर्नलगंज पुलिस ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।